Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sulalita Sharma v. Assotech Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/02/105351/2023
- Decision date
- 2026-07-20
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 / 63 सपठित नियम-24 4-शिकायत AT—NCR 44/02/0535/2023 सुलालिता शर्मा बनाम एसोटेक रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 20.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री क्षतिज शरदा उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से उनके प्रतिनिधि श्री पंकज जैन उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। विपक्षी द्वारा अपना जवाब दाखिल किया गया है। शिकायतकर्ता यदि चाहे, तो विपक्षी द्वारा दाखिल जवाब के विरुद्ध अपनी आपत्ति एवं गणना शीट एक माह के अन्दर WT पोर्टल पर अपलोड एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल कर सकता है। gerd werd में माननीय पीठ-02 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 20.09.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्ता की मूल यूनिट को पुर्नस्थापित करते हुये अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 नवम्बर 2023 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2... विपक्षी शिकायतकर्ता को दिनांक 07.04.2024 से ओ.सी / सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि Bo 4,00,08,22 /0% MCLR+ प्रतिशत व्याज अदा करना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(20)6) के अनुसार aff रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी धटा॥एा प्रतिशत की व्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की घनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4... इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 5 यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन करा wart |
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 20.09.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया var) उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 03.02. 2026 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 206 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 20.09.2023 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जा व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 04.05.2026 के लिए संदर्भित की जाती है। afr, ade, को निर्देशित किया जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 20.09.2023 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि Go 4,00,08,22 / पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 04.05.2026 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए।
अन्तर्गत धारा-38 /40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.02.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। Ww \ विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 49.0.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण