Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rajpal Singh v. Golfgreen Residency Private Limited
Complaint No. NCR144/01/89176/2022
- Decision date
- 2026-09-03
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 ,/ 40 ,/63 सपठित नियम-24 9-शिकायत WT:—NCR 44/0]/8976/2022 राजपाल सिंह बनाम गोल्फग्रीन रेजिडेंसी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 03.09.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो armpit के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित हुए। विपक्षी अनुपस्थित | सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि विपक्षी द्वारा आज तक माननीय Rr Ge—o7y द्वारा पारित आदेश दिनांक 42.2.2022 का अनुपालन नहीं किया गया है। इस पीठ द्वारा दिनांक 04.42.2025 को रेरा प्राधिकरण द्वारा पारित कार्यालय आदेश पत्रांक संख्या-3839 / यूपी.रेरा / प्रशा. / 2025-2026 दिनांक 28.08.2025 के अनुसार यह पाते हुए कि विपक्षी के पास ओ.सी./सी.सी. नहीं है, इसलिए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी, इसलिए पत्रावली पीठ को वापस भेजी गई, लेकिन सम्बन्धित पीठ द्वारा इस सम्बन्ध में कोई कार्यवाही नहीं की गई और पत्रावली पुनः इस पीठ को दिनांक 44.06.2026 को वापस भेजी गई, जिसमें यह कहा गया कि आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत कार्यवाही की जाये।
शिकायतकर्ता की ओर से प्रार्थना-पत्र नियम-24 के अन्तर्गत प्रस्तुत किया गया है। जैसा कि आदेश दिनांक 04.:2.2025 ¥ स्पष्ट किया जा चुका है कि विपक्षी के पास ओ. सी./ सी.सी. नहीं है। ऐसी स्थिति में इस पीठ द्वारा यूनिट का कब्जा दिलाया जाना और यूनिट की रजिस्ट्री कराई जाना संभव नहीं है। शिकायतकर्ता आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत स्पष्ट रूप से प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत करें कि वह किस Mode से आदेश का निष्पादन कराना चाहता है, ताकि प्रश्नगत प्रकरण में आदेश-24 सिविल प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के अन्तर्गत अग्रिम कार्यवाही की जा aa | ae शिकायतकर्ता की ओर से प्रार्थना-पत्र इस आशय का भी दाखिल किया गया है कि उसकी यूनिट के सम्बन्ध में किसी तृतीय पक्ष का हित सर्जित न किया जाये | अतः विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह नियम-24 की कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता की यूनिट के सम्बन्ध में यथास्थिति बनाये रखेंगे और शिकायतकर्ता की यूनिट को किसी अन्य व्यक्ति को आवंटित» हस्ताक्षरित नहीं करेंगे और न ही किसी तृतीय पक्ष का हित सर्जित करेंगे। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 03.44.2026 को पेश हो। Saat आर. पी. सिह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण