Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arti and Irfan Khan v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/01/68622/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- Not recorded
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
= भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | पीठ-2 उपस्थिति :-- श्री बलविन्दर कुमार, सदस्य शिकायत संख्या:-- NCR44/0i/68622/2024 आरती एवं इरफान खान बनाम tage हिल प्रोर्प्टीज़ प्रा.लि. प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध जमा धनराशि ब्याज सहित वापस दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना "The Downtown" में यूनिट सं0- 548 में बुक किया गया था, जिसके लिए उनके द्वारा समय-समय पर किश्तों के आधार पर 50,3,058/- रुपये का भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि परियोजना स्थल पर पिछले कई वर्षों से कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है न ही विपक्षी द्वारा कब्जा नहीं दिया जा रहा है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि ब्याज सहित वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता की और से अपने कथन के समर्थन में जमा धनराशि की Wie, आवंटन अनुबन्ध पत्र दिनांक 48.04.207 आदि की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं। विपक्षी द्वारा जवाब दाखिल करते हुए कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा उनकी परियोजना में कार्पोरेट सूट संख्या-548 बुक किया गया था, जिसके लिए अनुबन्ध पत्र दिनांक 48.04.2047 को उभयपफक्षों द्वारा निष्पादित किया गया। विपक्षी का कहना है कि अनुबन्ध पत्र के प्रस्तर-26 के अनुसार Page शिकायतकर्ता की शिकायत प्री-मैच्योर है। शिकायतकर्ता को अनुबन्ध के अनुसार 8.04.2023 एवं 6 माह की Hifas—t9 महामारी के दौरान दी गयी 6 माह की छूट के साथ कब्जा दिया जाना था। उभयपक्ष के तर्कों को yal 4 पत्रावली का अवलोकन fre | पक्षकारों के अभिवचनों के आधार पर निम्नलिखित वाद बिन्दु विचारणीय किये गये :-
4. क्या रेरा से पूर्व के अनुबन्ध रेरा के दायरे में नहीं आते ? 2... क्या force majeure होने के कारण विपक्षी की परियोजना विलंबित हुई ? यदि हां तो प्रभाव ? 3, क्या शिकायतकर्ता की शिकायत प्री-मैच्योर है ? निस्तारण बिन्दु det बिन्दु do-i इस आशय को विचारित किया गया है कि क्या रेरा से पूर्व के अनुबन्ध रेरा के दायरे में नहीं आते? यह बिन्दु विपक्षी के अभिकथनों पर विचारित किया गया है, जिसे साबित करने का भार विपक्षी पर है। इस सम्बंध में बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा Re याचिका संख्या- 2737 /20i7 नीलकमल रियलटर्स सबअर्बन प्राण्लि0 एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया में दिया गया आब्जर्वेशन महत्वपूर्ण है। जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लिखित किया गया है कि-: The provisions of RERA, however, do not rewrite the clause of completion or handing over possession in agreement for sale. Section 4(2)(I)(C) enables the promoter to give fresh time line independent of the time period stipulated in the agreements for sale entered into between him and the allottees so that he is not visited with penal consequences laid down under RERA. In other words, by giving opportunity to the promoter to prescribe fresh time line under Section 4(2)()(C) he is not absolved of the liability under the agreement for sale. उपरोक्त विधि व्यवस्था से यह स्पष्ट है कि रेरा के प्राविधान के अनुसार अनुबन्ध में दिये गये पूर्णता एवं कब्जे देने के WAR का पुनर्लखन नहीं किया जा सकता। धारा 4(2)0)(सी) के अन्तर्गत प्रोमोटर एक नई समय सीमा दें सकता है, जो कि अनुबन्ध पर निर्भर नहीं होगा किन्तु उक्त समय सीमा WV Page 2
दिये गये “पीनल कन्सीक्वेसिज़” से बचा सकता है, किन्तु उससे वह ages में दिये गये उत्तरदायित्वों से मुक्त नहीं होगा। इससे अवधारित किया जा सकता है कि प्रोमोटर अनुबन्ध में दिये गये कब्जे की तिथि के लिए उत्तरदायित्व है एवं विलम्ब की गणना अनुबन्ध की तिथि के अनुसार की जायेगी वैसे भी ऑनगोईंग परियोजना रेरा की परिधि में आते है। तद्नुसार बिन्दु संख्या 4 निस्तारिंत किया जाता है। | $< निस्तारण बिन्दु to 2 बिन्दु wo 2 इस आशय को विचारित किया गया है कि क्या वास्तव गें परियोजना फोर्स मैज्योर इवेन्ट्स होने कारण विलम्बित हुई? यह बिन्दु विपक्षी के अभिकथनों पर विचरित किया गया है, जिसे साबित करने का भार विपक्षी पर है। विपक्षी की ओर से कथन किया गया है कि कुछ अप्रत्याशित घटनाओं (force majeure events) के कारण परियोजना विलंबित हुई, साथ ही यह भी कहा गया कि परियोजना किसानों के उग्र प्रर्दशन, राष्ट्रीय हरित अधिकरण, के कारण परियोजना प्रभावित हुई। विपक्षी की ओर से न तो यह कथन किया गया कि किन फोर्स मैज्योर की बाबत उसकी परियोजना विलंबित हुई और न ही फोर्स मैज्योर की बाबत कोई साक्ष्य पत्रावली पर दाखिल किया गया है जिससे की विदित हो कि परियोजना की भूमि पर कार्य बाधित था | —————————— ———— इस सम्बंध में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील 'संख्या-940 / 2047 बिक्रम चटर्जी एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एवं अन्य में निर्णय के पृष्ठ संख्या-234 एवं wee ti0 में फोर्स मैज्योर को निम्नवत् परिभाषित किया है:- Force majeure shall mean a case of war, flood, drought, fire, cyclone, earthquake or any other calamity caused by nature.
उपरोक्त फोर्स मैज्योर के परिभाषा से यह स्पष्ट है कि फोर्स मैज्योर वह स्थिति है, जिसमें की युद्ध, बाढ़, सूखा, आग, तूफान, भूकम्प या अन्य प्रकृतिक आपदा आई हो, प्रश्नगत प्रकरण में ऐसी कोई परिस्थिति उत्पन्न नहीं हुई और विपक्षी ऐसी दशा में वह इस तर्क का लाभ पाने का अधिकारी नहीं है। तद्नुसार बिन्दु सं० 2 निस्तारित किया जाता है। Page 8 eee ee = _सं0 3 शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में फ्लैट आवंटन अनुबन्ध दिनांक 48.0:.20:7 की छायाप्रति दाखिल की गयी है, जिसके पृष्ठ संख्या-7 के प्रस्तर-26 के अवलोकन से विदित है कि विपक्षी ants वर्ष एवं 6 माह की अनुग्रह अवधि के साथ कब्जा दिया जाना था। ऐसे में अनुबन्ध निष्पादन की तिथि (78.0:.20:7) से 5 वर्ष एवं 6 माह की गणना किया जाना उचित होगा। ऐसी दशा में उपरोक्तानुसार कब्जा दिये जाने की तिथि 48.07.2022 होती है। यह स्पष्ट है कि परियोजना विलम्ब की श्रेणी में नहीं है। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता की शिकायत प्री-मैज्योर है। शिकायतकर्ता का अनुतोष आंशिक रूप से स्वीकार किया जाता है। dager बिन्दु संख्या-2 निस्तारित किया जाता है। आदेश 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि अनुबन्ध में उलल्लेखित प्राविधान के अनुरूप कब्जा प्रदान किये जाने की तिथि तक शिकायतकर्ता को प्री-ई.एम.आई की धनराशि का भुगतान करना सुनिश्चित करें| 2. इस आदेश का vert भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक — 07/02/2022 fa ( कुमार) (सदस्य) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण Page 4