Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Arti and Irfan Khan v. Granite Hill Properties Private Limited
Complaint No. NCR144/01/68622/2021
Verified by Puneet Jain, Editor
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- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
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Judgment text
उ0 प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-02 (पूर्व पीठ-4) आदेश अन्तर्गत धारा-38 / 40 / 63 उपस्थिति:- टी. वेंकटेश, सदस्य शिकायत WEIM:—NCRI44/0/68622/202 आरती एवं इरफान खान बनाम ग्रेनाइट हिल प्रॉपर्टीज़ प्राइवेट लिमिटेड यह पत्रावली पूर्व में पारित आदेश के उल्लंघन एवं अधिनियम की धारा-38 / 40,/63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत कार्यवाही किये जाने हेतु पेश की गयी है। शिकायतकर्ता की शिकायत में पीठ द्वारा Ww अधिनियम की ost के अन्तर्गत दिनांक 07.02.2022 को निम्नवत् आदेश पारित किये गये थेः- 4. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि अनुबन्ध में उल्लेखित प्राविधान के अनुरूप कब्जा प्रदान किये जाने की तिथि तक शिकायतकर्ता को प्री-ई.एम आई की धनराशि का भुगतान करना सुनिश्चित करें | 2) इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन vd विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। ged प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश कियान्वयन कराये जाने हेतु आवदेन दिनांक 29.03.2022 को किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा विपक्षी को नोटिस दिनांक 07.04.2022 को जारी करते हुए दिनांक 30.04.2022 तक उक्त आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन आख्था प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी है।
प्राधिकरण द्वारा धारा-38 /40/63 के अन्तर्गत कारण दर्शाओ नोटिस दिनांक 30.02.2022 को जारी करते हुए विपक्षी को निर्देशित किया गया है कि वह दिनांक 45.06.2022 तक GAT आदेश का अनुपालन कर, अनुपालन आख्था प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये थे परन्तु विपक्षी द्वारा कोई अनुपालन आख्या,/जवाब दाखिल नहीं किया गया है। इस सम्बन्ध में भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 की धारा-38 के प्राविधान के अनुसार प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर द्वारा उस पर डाली गयी बाध्यताओं का उल्लंघन किया जाता है, तो प्राधिकरण इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अधीन पैनाल्टी या ब्याज अधिरोपित कर सकता है। धारा-38 रेरा अधिनियम निम्नवत है:- 738, (I) The Authority shall have powers to impose penalty or interest, in regard to any contravention of obligations cast, upon the promoters, the allottees and the real estate agents, under this Act or the rules and the regulations made thereunder. (2) The Authority shall be guided by the principles of natural justice and, subject to the other provisions of this Act and the rules made thereunder, the Authority shall have powers to regulate its own procedure. (3) Where an issue is raised relating to agreement, action, omission, practice or procedure that— (a) has an appreciable prevention, restriction or distortion of competition in connection with the development of a real estate project; or
(b) has effect of market power of monopoly situation being abused for affecting interest of allottees adversely, then the Authority, may suo motu, make reference in respect of such issue to the Competition Commission of India." भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 में प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि अगर प्रोमोटर प्राधिकरण के आदेश का अनुपालन करने में असमर्थ रहता है, तो प्राधिकरण प्रोमोटर के विरूद्ध प्रोमोटर की भू-सम्पदा परियोजना की अनुमानित लागत का 5 प्रतिशत तक पैनाल््टी लगा सकता है। धारा-63 निम्नवत हैः- “63. If any promoter, who fails to comply with, or contravenes any of the orders or directions of the Authority, he shall be liable to a penalty for every day during which such default continues, which may cumulatively extend up to five per cent., of the estimated cost of the real estate project as determined by the Authority.” यहाँ यह उल्लेखनीय है कि धारा-40 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 के अध्याय-5 के अन्तर्गत आता है, जो कि भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित है तथा धारा-63 भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2046 के अध्याय-8 के अन्तर्गत आता है जोकि अपराध, शास्तियाँ और न्यायनिर्णयन से सम्बन्धित है। उपरोक्त प्राविधानों से यह we है कि रेरा अधिनियम के अन्तर्गत प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्राधिकरण प्रोमोटर द्वारा आदेशों का अनुपालन न करने पर धारा-40 के अन्तर्गत अपने आदेशों का कियान्वयन कराए तथा धारा-63 के अन्तर्गत प्रोमोटर पर अर्थदण्ड लगाए। प्राधिकरण दोनों कार्यवाही एक साथ कर सकता है।
प्राधिकरण द्वारा धारा-38 /40// 63 के अन्तर्गत नोटिस निर्गत की गयी, जिसके क्रम में पीठ द्वारा सुनवाई दिनांक 04.09.2022, 24.40.2022, 47.04.2023, 03.05.2023 तथा अंतिम सुनवाई दिनांक 44.0.2023 को प्रस्तुत किया गया। पुकार पर उभयपक्ष के उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि पीठ द्वारा ents के अन्तर्गत पारित आदेश का विपक्षी द्वारा अनुपालन नहीं किया गया है। विपक्षी द्वारा पत्रावली पर ऐसा कोई साक्ष्य दाखिल नहीं किया गया है, जिससे यह विदित हो कि पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 07.02.2022 के अनुकम में विपक्षी द्वारा अनुपालन नहीं किया गया है। अतः समस्त तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में धारा-3 के अन्तर्गत पारित आदेश दिनांकित 07.02.2022 का विपक्षी द्वारा अनुपालन न किये जाने के कारण उक्त प्रकरण को विपक्षी /प्रमोटर के विरूद्ध रेरा अधिनियम, 206 की धारा-63 के अन्तर्गत शास्ति अधिरोपित करने हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करें। ba 2-५ ० वेंकटेश (सदस्य) Bono भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण