Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Gaurav Pandey v. Jkg Construction Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/01/1310/2020
- Decision date
- 2026-07-21
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 / 40 ,//63 सपठित नियम-24 44-शिकायत WIT—NCR44/0/730/2020 गौरव पांडे बनाम जेकेजी Hea प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 24.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई | पुकार पर शिकायतकर्ता उभयपक्ष अनुपस्थित | आज सुनवाई के दौरान उभयपक्ष अनुपस्थित है। प्रश्नगत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 08.09.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:-
(क) प्रतिवादी प्रत्येक वादी को नवम्बर 2020 तक ओ.सी./ सी.सी के साथ यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी, प्रत्येक वादी को उक्त तालिका में अंकित आवंटन / बुकिंग तिथि के 3 वर्ष के उपरांत की तिथि से दिनांक 30.04.20:6 तक आवंटन पत्रि में उललेखित विलम्बित अवधि का ब्याज / penalty देय होगा तथा उसके पश्चात् दिनांक 07.05.2076 से ओ. सी /सी.सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLR+H% वार्षिक ब्याज दर से प्रतिवादी द्वारा प्रत्येक वादी को ब्याज / penalty भुगतान किया जायेगा। यह ब्याज धनराशि अंतिम देय धनराशि में समोयोजित की जायेगी तथा अवशेष बची धनराशि वादी को भुगतान की जाएगी। (ग) वादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो वादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। वादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस स्थिति में रेरा अधिनियम की धारा 2 (ay) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज / penalty WET करने का अधिकारी है परन्तु वादी द्वारा ब्याज MCLR+% की दर से अधिक देय नहीं होगा। — Sy (a) कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुये लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 24.03.2020 से दिनांक 30.09.2020 तक वादी की ओर से समय से भुगतान न किये जाने तथा प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण करने में किये गये विलम्ब के सम्बंध में विलम्ब ब्याज की गणना उक्त अवधि में नहीं की जाएगी। आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं प्रत्येक वाद में पृथक-पृथक रूप से ब्याज / penalty की गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लंघन उठप्र० भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 08.09.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vad आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 20.40. 2024 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- 4. प्रतिवादी को यह आदेशित किया जाता है कि नवम्बर 2024 तक परिवादी को मूल इकाई का अधिपत्य अनुबंध में निहित मूलभूत सुविधाओं के साथ उपलब्ध कराना सुनिरित करें। 2. प्रतिवादी किसान प्रतिकर, जीएसटी व बिजली कनेक्शन धनराशि सम्बन्धित विभाग को भुगतान किये जाने का रसीद परिवादी को साक्ष्य / प्रमाण के साथ उपलब्ध कराकर ही समानुपातिक रूप से धनराशि प्राप्त कर सकता है परन्तु रख-रखाव शुल्क इकाई का अधिपत्य दिये जाने की तिथि लागू होगा। 3. परिवादी प्रतिवादी को विलम्ब से धनराशि भुगतान किये जाने की स्थिति में आदेश के प्रस्तर संख्या ग के अनुसार परिवादी से धनराशि मय ब्याज प्राप्त करेगा। सचिव, रेरा को निर्देशित किया जाता है कि उक्त बिन्दुओं को दृष्टिगत रखते हुये परिवादी शिकायत के सम्बन्ध में विलम्बित अवधि का ब्याज आदेश के प्रस्तर ख के अनुसार धनराशि वसूली हेतु वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। चूंकि प्रतिवादी द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है, ऐसी स्थिति में पत्रावली को धारा 63 की अग्रिम कार्यवाही हेतु प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
अन्तर्गत -धारा-38/40/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई | ९. विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध at / सी.सी. सहित बकाया eat की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए कब्जा-पत्र की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 24.40.2026 को पेश हो। a =a St आर. पी. Rig (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण