Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sanjay Nawani and Kajol Nawani v. ATS Realty Private Limited
Complaint No. NCR144/01/104761/2023
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2025-11-04
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
English translation. Machine translation from the Hindi by AI (Gemini 3.8 Flash, Antigravity), not reviewed. The original order below is the authoritative text.
U.P. Real Estate Regulatory Authority Regional Office, Gautam Buddha Nagar. Hearing Bench - Adjudicating Officer, Proceedings under Section 38/40/63 read with Rule-24 48—[?] [?]—NCR44/0/0476/2023 Sanjay Nawani and Kajol Nawani v. ATS Realty Private Limited Order-Sheet Date: 04.44.2025 The complainant's case was presented through video conferencing. The file was put up. Upon call, learned counsel Mr. Yogendra appeared on behalf of the complainant. Learned counsel Mr. Puneet Jain appeared on behalf of the respondent. It was informed by the complainant that possession of the unit has not been handed over yet by the respondent, nor has the deed of transfer been executed and registered. In the complaint in question, following hearing as per rules, the Hon'ble Bench-2 passed the following orders on dated 24.09.2023: - 4. The respondent is directed to complete all amenities of the unit allotted to the complainants as per agreement and ensure handover of possession with O.C. / C.C. by 30 November 2023, and obtain payable stamp duty and get registry executed as per rules.
2. The respondent shall ensure payment of interest of MCLRH percent to the lead complainant on the amount deposited by the complainant, Rs. 33,83,679,/, from dated ot.09.20I9 until the date of receipt of O.C./C.C. or offer of possession, whichever is later. This amount of interest shall be adjusted in the amount to be paid in final payment. In case the interest amount exceeds the payable amount, it shall be refunded to the complainant as per rules. In view of the Force Majeure period, interest shall not be calculated for delay in the project from dated 25.03.2020 to dated 25.09.2020. Also, if there are any Over Dues of the complainant, interest for this period shall not be payable on them either. In cases of other complainants, interest will be calculated on the amount indicated against each complainant in accordance with the allotment letter, agreement from after the date of handing over possession indicated in the table.
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40/63 सपठित नियम-24 48—frprad GA—NCR44/0/0476/2023 संजय नवानी एवं काजोल नवानी बनाम एटीएस रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 04.44.2025 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री योगेन्द्र उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री पुनीत जैन उपस्थित हुए। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। genta शिकायत में माननीय पीठ-2 द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 24.09.2023 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को आवंटित यूनिट अनुबन्ध के अनुसार समस्त सुविधाओं को पूर्ण कराकर 30 नवम्बर 2023 तक ओ.सी /सी. सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय wero शुल्क प्राप्त, कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें।
2. विपक्षी, अग्रणी शिकायतकर्ता को दिनांक ot.09.20I9 से ओ.सी/सी.सी अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि जो बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि रु0 33,83,679,/ पर MCLRH प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की जाने वाली धनराशि में समायोजित की जायेंगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25. 09.2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। साथ ही यदि शिकायतकर्ता का कोई अतिदेय (Over Dues) है, तो उस पर भी इस अवधि का ब्याज देय न होगा। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरणों में आवंटन पत्र,अनुबन्ध के अनुरूप उक्त जज लालिका-में-अंकित-कब्जा-व्यि-जाने-की-तिथि-के-उपसंत-से-अत्येक-शिकायलकर्ता-के---___< सम्मुख अंकित धनराशि पर ब्याज की गणना की जायेगी। + 3. विपक्षी को यह निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 2046 की धारा 2(za)(i) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्ता द्वारा भी MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। यदि इससे अधिक दर से कोई धनराशि रेरा लागू होने के बाद आवंटी से विलम्ब हेतु ली गयी है, तो विलम्बित अवधि हेतु ब्याज की धनराशि की भी उसी दर से गणना की जायेगी। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जायै।
5. इस आदेश का उल्लघंन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। 6 यदि विपक्षी द्वारा इस आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो शिकायतकर्तागण रेरा प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का कियान्वयन करा संकेगें। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 24.09.2023 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-3 द्वारा दिनांक 23.07. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है किः- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 24.09.2023 के क्रम संख्या 4 व 2 का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए पत्रावली रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश दिनांक 24.09.2023 के क्रम संख्या 4 के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जे व रजिस्ट्री की कार्यवाही हेतु न््यायनिर्णायक अधिकारी, उ.प्र.रेरा के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 04.44.2025 के लिए संदर्भित की जाती है। सचिव, उ.प्र.रेरा, पीठ द्वारा दिनांक 24.09.2023 को धारा-34, के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या 2 के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 04.4.2025 से पूर्व न्यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
यदि न्याय निर्णायक अधिकारी नियम 24 की कार्यवाही @ दौरान यह पाते है कि विपक्षी / प्रमोटर द्वारा आदेश अन्तर्गत ast, दिनांकित 24.09.2023 का समयबद्ध रूप से अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है तो ऐसी दशा में न्याय निर्णायक अधिकारी प्रकरण में रेरा अधिनियम की धारा 63 की कार्यवाही किये जाने हेतु पत्रावली पीठ को वापस संदर्भित कर सकते है। तदोपरान्त अन्तर्गत धारा-38,/40 ,/63 के कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता को ““ ऋ यूनिट का कब्जा उपलब्ध न कराये जाने एवं रजिस्ट्री न कराये जाने के कारण मा: WSS i — द्वारा पारित आदेश दिनांक 23.07.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। ; विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जां प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी.,/सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो). शिकायतकर्ता को is दिनों के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता द्वारा बकाया eal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति गणना शीट सहित दाखिल कर सकता है। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 23.04.2026 को पेश हो। an वन पी.सिं (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण