Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sagar Sudan v. Mahaluxmi Infrahome Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/01/104545/2023
- Decision date
- 2026-04-28
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar Status-Disposed
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /40 //63 सपठित नियम-24 4i—Prepradt संख्या:-)0८२44/0/04545/2023 सागर सूदन बनाम महालक्ष्मी इंफ्राहोम प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 28.04.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई। पुकार पर शिकायतकर्ता wa उपस्थित हुए एवं उनके विद्वान अधिवक्ता श्री कुश वत्स उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुश्री आशु चौधरी उपस्थित हुए। उभयपक्षों को सुना गया एवं पत्रावली का अवलोकन किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा अवगत कराया गया है कि विपक्षी द्वारा अभी तक यूनिट का कब्जा नहीं दिया गया है और न ही हस्तान्तरण विलेख निष्पादित एवं पंजीकृत कराया गया है। विपक्षी द्वारा आपत्ति की गई है और यह कहा गया है कि शिकायतकर्ता से होल्डिंग चार्ज एवं विलम्ब ब्याज की धनराशि दिलाई जाये। जबकि शिकायतकर्ता का यह कथन है कि उसके द्वारा विपक्षी को समस्त धनराशि का भुगतान वर्ष 2024 में ही समयानुसार किया गया है और विपक्षी द्वारा एन.डी.सी. भी जारी कर दिया गया है, इसलिए विपक्षी कोई होल्डिंग चार्ज, विलम्ब ब्याज की धनराशि पाने का अधिकारी नहीं है।
विपक्षी द्वारा समय से कब्जा न देने के कारण शिकायतकर्ता ने माननीय रेरा Sro—or (पूर्व-0१ए) में धारा-34 के अन्तर्गत अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें माननीय रेरा पीठ-04 (पूर्व-04ए) द्वारा दिनांक 28.05.2024 को आदेश पारित किया गया कि शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराये, जिसके अनुपालन में विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को आज तक यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई गई है। अतः ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता, विपक्षी को कोई होल्डिंग चार्ज, वॉच एण्ड वार्ड तथा विलम्ब ब्याज अदा करने के लिए बाध्य नहीं है। जहाँ तक रजिस्ट्री से सम्बन्धित स्टाम्प शुल्क व रजिस्ट्री का प्रश्न है, तो शिकायतकर्ता द्वारा नियमानुसार wa वहन किया जायेगा। तदनुसार विपक्षी द्वारा दाखिल आपत्ति “गणना शीट निस्तारित की जाती है। अतः विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह 45 दिनों के अन्दर माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें तथा कब्जा-पत्र एवं रजिस्ट्री की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। आदेश का अनुपालन न करने पर सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश-2 के अन्तर्गत इस न्यायालय द्वारा स्वयं यूनिट को कुर्क कर, रिसीवर नियुक्त कर शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा दिलाया जायेगा और रजिस्ट्री करायी जायेगी |
क्योंकि प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद का आदेश दिनांक 49.03. 2026 है कि मामले का निस्तारण यथाशीघ्र 6 माह के अन्दर किया जाना है, इसलिए अग्रिम सुनवाई की तिथि पर किसी भी पक्ष का कोई wer स्वीकार नहीं किया जायेगा। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 25.05.2026 को पेश हो। आर. पी. सिंह (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र: भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण