Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Benu Berry v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. NCR144/01/1040/2020
- Decision date
- 2026-07-15
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 // 40 //63 सपठित नियम-24 9-शिकायत WAT—NCR44/0/040/2020 बेनु बेरी बनाम लॉजिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 45.07.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन््फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश BS | पुकार पर उभयपक्ष अनुपस्थित | आज सुनवाई के दौरान उभयपक्ष अनुपस्थित हैं। wed शकायत में माननीय पीठ-0॥ए द्वारा नियमानुसार सुनवाई के उपरान्त दिनांक 04.07.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये गये हैं:- 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण के फ्लैटस् की समस्त सुविधाओं को अनुबन्ध के अनुसार पूर्ण कराकर दिनांक 34.03. 2024 तक ओ.सी /सी.सी सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें और देय स्टाम्प शुल्क प्राप्त कर नियमानुसार रजिस्ट्री करायें। 2. विपक्षी, शिकायतकर्ता को दिनांक 37.:2.20i6 से ओ.सी. / सी.सी. अथवा कब्जा ऑफर किये जाने की तिथि, जो भी बाद में हो तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर विलम्ब ब्याज के रूप में MCLR+ प्रतिशत ब्याज अदा करना सुनिश्चित करें| ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की देय धनराशि में समायोजित की जायेगी। ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक होने पर शिकायतकर्ता को वापस की जायेगी। फोर्स मैज्योर पीरियड को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 25.03.2020 से दिनांक 25.09. 2020 तक परियोजना में हुए विलम्ब हेतु ब्याज की गणना नहीं की जायेगी। अन्य शिकायतकर्तागण के प्रकरण में अनुबन्ध के अनुरूप उपरोक्तानुसार गणना की जायेगी।
3. विपक्षी को यह भी निर्देशित किया जाता है कि रेरा अधिनियम, 20:6 की धारा 2(०)6) के अनुसार यदि रेरा लागू होने के बाद कोई ब्याज दर आवंटी के डिफॉल्ट से प्रोमोटर द्वारा लिया जाता है, तो उसी दर से ब्याज प्रोमोटर द्वारा डिफॉल्ट किये जाने पर —~ भी आवंटी को दिया जायेगा। अतः विलम्बित भुगतान पर शिकायतकर्तागण द्वारा भी MCLRH प्रतिशत की ब्याज दर से ब्याज देय होगा। 4. इस आदेश की एक-एक प्रति सम्बन्धित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं इस आदेश में प्रतिपादित सिद्धान्त के अनुरूप धनराशि व ब्याज की प्रत्येक मामले में गणना की arent | 6. इस आदेश का उल्लघंन Golo भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 04.07.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38/40,/63 के अन्तर्गत vat आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-0१ए द्वारा दिनांक 20.04. 2022 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- समस्त वर्णित तथ्यों एवं वर्णित परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सचिव को निर्देशित किया जाता है कि प्रश्नगत प्रकरण में पीठ द्वारा पूर्व में पारित आदेश दिनांक 04. 07.2020 के अनुसार विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि का वसूली प्रमाण पत्र जारी करना सुनिश्चित करें और रेरा अधिनियम, 20i6 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए।
अन्तर्गत धारा-38/40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अंपने आदेश का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका और न ही शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराई जा सकी। तदोपरान्त श्रीमान सचिव, रेरा द्वारा पारित कार्यालय आदेश दिनांक 08.04.2026 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. /सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को दो माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा रेरा पोर्टल पर भी अपलोड करना सुनिश्चित करें| शिकायतकर्ता द्वारा बकाया देयों के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में यूनिट की रजिस्ट्री कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 06.40.2026 को पेश हो। लक ताल wr आर. पी. सिंह See (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण