Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ashwani Kumar Bharti v. Jkg Construction Pvt Ltd
Complaint No. NCR144/01/0648/2020
- Decision date
- 2026-06-29
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी, कार्यवाही अन्तर्गत धारा-38 /“40 /“63 सपठित नियम-24 47-शिकायत WAT—NCR |44/0/0648/2020 अश्वनी कुमार भारती बनाम जेकेजी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड आदेश-पत्र दिनांक: 29.06.2026 शिकायतकर्ता का वाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। पत्रावली पेश हुई Jor पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री प्रवीन कुमार उपस्थित हुए। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता«्सुश्री ज्योति शर्मा उपस्थित gE | उभयपक्षों को सुना TAM Yd पत्रावल्लीं का-अवलोकैन्नकिया गया। प्रश्नगनत शकायत में माननीय पीठ-03 द्वारा «नियमानुसार&खुलवाई.#क उपरान्त दिनांक 08.09.2020 को निम्नवत आदेश पारित किये Tae (क) प्रतिवादी प्रत्येक वादी को "नवम्बर 2020 तक ओ.सी,/सी.सी के साथ यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। (ख) प्रतिवादी, प्रत्येक वादी को उक्त तालिका में अंकित आवंटन/बुकिंग तिथि के 3 वर्ष के उपरांत की तिथि से दिनांक 30.04.206 तक आवंटन पत्र में उल्लेखित विलम्बित अवधि का St / penalty देय होगा तथा उसके पश्चात् दिनांक 04.05.2046 से ai. सी/सी.सी प्राप्त होने की तिथि या ऑफर ऑफ पजेशन जो बाद में हो, तक MCLR+Hi% वार्षिक ब्याज दर से प्रतिवादी द्वारा प्रत्येक वादी को Stet /penalty भुगतान किया जायेगा। यह ब्याज धनराशि अंतिम देय धनराशि में समोयोजित की जायेगी तथा अवशेष बची धनराशि वादी को भुगतान की जाएगी। (ग) वादी द्वारा यदि कोई धनराशि का भुगतान करना शेष है तो वादी बकाया धनराशि प्रतिवादी को भुगतान करें। वादी द्वारा जो धनराशि विलम्ब से भुगतान की गयी है तो उस
स्थिति में tr अधिनियम की धारा 2 (Za)(i) के अधीन प्रतिवादी विलम्बित अवधि का ब्याज / penalty WA करने का अधिकारी है परन्तु वादी द्वारा ब्याज MCLRH% की दर से अधिक देय नहीं अधिक देय नहीं होगा। न ली (घ) कोविड-49 की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु देश में हुये लॉकडाउन को दृष्टिगत रखते हुये दिनांक 24.03.2020 से दिनांक 30.09.2020 तक वादी की ओर से समय से भुगतान न किये जाने तथा प्रतिवादी द्वारा परियोजना पूर्ण करने में किये गये विलम्ब के सम्बंध में विलम्ब ब्याज की गणना उक्त अवधि में नहीं की जाएगी। आदेश की एक-एक प्रति सम्बंधित पत्रावलियों पर रखी जाये एवं प्रत्येक वाद में पृथक-पृथक रूप से ब्याज /penalty की गणना की जायेगी। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। विपक्षी द्वारा आदेश दिनांक 08.09.2020 का अनुपालन नहीं किया गया, जिस कारण शिकायतकर्ता द्वारा धारा-38,/40,/63 के अन्तर्गत उक्त आदेश के क्रियान्वयन हेतु प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। उपरोक्त शिकायत में मा. पीठ-03 द्वारा दिनांक 04.44. 2025 को धारा-63 के अन्तर्गत निम्न आदेश पारित किया गया है कि:- उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विपक्षी ने पीठ द्वारा पारित आदेश दिनांक 08.09.2020 के क्रम संख्या “क व |" का अनुपालन नहीं किया है। उपरोक्त तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्रावली«रेरा नियमावली 2046 के नियम-24 में निहित शक्तियों के अन्तर्गत आदेश festa 68:09.2020*के क्रम संख्या “क” के अनुसार यूनिट के भौतिक कब्जा की «कार्यवाही हेतु७ल्यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु दिनांक 07.04.2026 के लिए संबर्भित Hone है।
सचिव, उ.प्र.रेरा, को निर्देशित्र, किया 'जाता है कि पीठ द्वारा दिनांक 08.09.2020 को धारा-34 के अन्तर्गत पारित आदेश के क्रम संख्या “Ss” के अनुसार जमा धनराशि पर विलम्बित अवधि का ब्याज हेतु वसूली प्रमाण पत्र जारी करने हेतु नियमानुसार कार्यवाही कर, पत्रावली को सुनवाई की तिथि 07.04.2026 से पूर्व न््यायनिर्णायक अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। विपक्षी द्वारा आदेश का अनुपालन न किये जाने के कारण भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 के अन्तर्गत यथोचित अर्थदण्ड अधिरोपित किये जाने हेतु पत्रावली प्राधिकरण के समक्ष पेश की जाए। अन्तर्गत धारा-38,40,/63 की निष्पादन की कार्यवाही के दौरान माननीय सम्बन्धित रेरा पीठ द्वारा अपने आदेशों का निष्पादन कराते हुए शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। तदोपरान्त मा. पीठ-03 द्वारा पारित आदेश दिनांक 04.44.2025 के अनुसार पत्रावली नियम-24 की कार्यवाही हेतु इस पीठ को संदर्भित की गई। विपक्षी को निर्देशित किया जाता है कि वह माननीय रेरा पीठ के आदेश के अनुपालन में कब्जा प्रस्ताव-पत्र वैध ओ.सी. / सी.सी. सहित बकाया देयों की मांग सहित (यदि कोई हो तो) शिकायतकर्ता को 02 माह के अन्दर प्रेषित करना सुनिश्चित करें तथा aK रेरा पोर्टल पर अपलोड करें एवं भौतिक रूप से रेरा कार्यालय में दाखिल करना भी सुनिश्चित ar) शिकायतकर्ता द्वारा बकाया eal के अदा करने पर विपक्षी शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। शिकायतकर्ता को यदि कोई आपत्ति हो, तो वह अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता। पत्रावली अग्रिम सुनवाई हेतु दिनांक 47.09. 2026 को पेश हो। (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण