Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Rahul Kamal v. U.P. State Industrial Development Corporation Limited
Complaint No. LKO186/10/100937/2022
- Decision date
- 2026-06-18
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Lucknow
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
E-Court उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण नवीन भवन, राज्य नियोजन संस्थान, कालाकाकर हाऊस, पुराना हैदराबाद, लखनऊ सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी शिकायत सं0- LKO86/0/200937/2022 सुनवाई तिथि: 8-06-2026 Rahul Kamal V/S_ U.P. State Industrial Development Corporation Ltd आदेश पत्र शिकायत वीडियो ask के माध्यम से हेतु जा a की गयी। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से विद्वान अधिवक्ता दीपक eae | विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता सुचिता सिंह उपस्थित | पूर्व कई तिथियों से शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना के Geers का निर्माण कार्य मा बताते हुए मान. अपीलीय अधिकरण का आदेश दाखिल करने का समय लिया जा रहा है। के org aR मान. अपीलीय अधिकरण ने अपने आदेश में परियोजना अधूरी होने का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा आदेश दाखिल करने के लिए बार-बार समय लिया जाता रहा है, परन्तु कोई आदेश दाखिल नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता का कथन है कि उसने आवेदन प्रस्तुत कर शा मत अ प्रमाण पत्र की वैधता को चुनौती दिया है। जिस प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-8 का विकास / पूर्णता प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है उसी प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत a किये गये एक आवेदन की प्रति रेरा पोर्टल पर अपलोड किया गया है, जो इस आशय का है कि विकास पूर्णता, प्रमाण पत्र अनाधिकृत तरीके से जारी किया गया है और परियोजना का विकास पूर्ण नहीं हैं। विपक्षी द्वारा यह निवेदन किया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा किसी भी सक्षम प्राधिकारी के समक्ष विकार ता प्रमाण पत्र को चुनो नौती नहीं दी गयी हैं, जिसके आधार पर इस न्यायालय के समक्ष कार्यवाही को नहीं माना जा सकता।
विपक्षी का यह भी कथन है कि शिकायतकर्ता कब्जा प्राप्त करना ही नहीं चाहता है इसीलिए वह पंजीयन की कार्यवाही को जानबूझकर विलम्बित कर रहा है। इसी परियोजना से संबंधित एक अन्य शिकायत के मामले में शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत अपील को खारिज करते हुए मान. रेरा अपीलीय अधिकरण द्वारा परियोजना को पूर्ण तथा विकास प्रमाण पत्र को सही माना गया है। शिकायतकर्ता पंजीयन हेतु उचित स्टाम्प व पंजीयन शुल्क जमा नहीं कर रहा है। पत्रावली के अवलोकन से प्रकट होता है कि पिछली कई तिथियों पर शिकायतकर्ता के विद्वान अधिवक्ता द्वारा रजिस्ट्री व कब्जे के संबंध में आवंटी का निर्देश प्राप्त करने के लिए समय लिया गया, परन्तु किसी भी निर्देश से न्यायालय को अवगत नहीं कराया गया। इसके पश्चात कई तिथियों से अपीलीय अधिकरण का आदेश दाखिल करने के लिए समय लिया गया, परन्तु कोई भी आदेश दाखिल नहीं किया गया। सेक्टर--8 की शिकायत से संबंधित अपील में अपीलीय अधिकरण द्वारा सेक्टर-8 को पूर्ण विकसित एवं उसके संबंध में जारी विकास पूर्णता प्रमाण पत्र को सही माना गया है। उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों में शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह 45 दिन के अन्दर 20. चित स्टाम्प व पंजीयन शुल्क के साथ विपक्षी के कार्यालय से सम्पर्क कर रजिस्ट्री व कब्जे की कार्यवाही को पूर्ण कराना सुनिश्चित करे। यदि शिकायतकर्ता द्वारा न्यायालय के आदेश का न पालन दल ए समुचित स्टाम्प व पंजीयन शुल्क के साथ विपक्षी के कार्यालय से सम्पर्क कर व की कार्यवाही को पूर्ण कराना सुनिश्चित नहीं किया जाता तो यह उपधारित किया जायेगा कि शिकायतकर्ता स्वयं रजिस्ट्री कराकर कब्जा प्राप्त नहीं करना चाहता और मामलें में विधिक के अनुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
पत्रावली सुनवाई हेतु दिनांक 20-07-2026 को पेश हो। GV न्यायनिर्णायक अधिकारी 43