Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Itee Singh v. Excella Infrazone LLP
Complaint No. LKO162/07/97189/2022
- Decision date
- 2026-01-23
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Lucknow
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
E-Court उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण नवीन भवन, राज्य नियोजन संस्थान, कालाकाकर हाऊस, पुराना हैदराबाद, लखनऊ सुनवाई पीठ-न्यायनिर्णायक अधिकारी शिकायत सं0- LKO62/07/9789/2022 सुनवाई तिथि: 23-0-2026 Itee Singh V/S_ Excella Infrazone LLP आदेश पत्र शिकायत वीडियो कान््फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हेतु प्रस्तुत की गयी। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर उनके पति श्री धनन्जय सिंह उपस्थित। विपक्षी की ओर से विद्वान अधिवक्ता श्री अरूण प्रताप सिंह उपस्थित। पूर्व तिथि दिनांक 42-42--2025 को उभयपक्षों ने अपनी सहमति के आधार पर बकाया धनराशि रू.5,45,306 /— बताया था। इस बकाया धनराशि के संबंध में शिकायतकर्ता द्वारा यह बताया गया कि रू.5,45,306 //-की धनराशि में विपक्षी ने मूल धनराशि व ब्याज की धनराशि दोनों को जोड दिया है, जिसके कारण बैंक द्वारा भुगतान करने से मना किया जा रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा यह अनुरोध किया गया कि विपक्षी को निर्देशित किया जाय कि वह मूल धनराशि व ब्याज की धनराशि को पृथक-पृथक करके मांग पत्र प्रस्तुत करे शिकायतकर्ता के ही अनुरोध पर मूल धनराशि तथा ब्याज की धनराशि को अलग-अलग करते हुए नया मांग पत्र निर्गत करने हेतु विपक्षी को निर्देशित किया गया था। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में विपक्षी द्वारा मूलधन व ब्याज के संबंध में पृथक-पृथक मांग पत्र शिकायतकर्ता को प्रेषित किया गया है। विपक्षी द्वारा यह बताया गया कि शिकायतकर्ता ने पृथक-पृथक मांग पत्र के बावजूद बकाया धनराशि का भुगतान नहीं किया है। शिकायतकर्ता ने केवल मूलधन का ही भुगतान किया है, ब्याज का कोई भुगतान नहीं किया है।
शिकायतकर्ता की ओर से आज आवेदन इस आशय का दिया गया है कि विपक्षी द्वारा मांगा गया ब्याज गलत व मनमाना प्रतीत होता है। विपक्षी की यूनिट पूर्ण नहीं थी, इसलिए विपक्षी द्वारा जो कब्जा प्रस्ताव दिनांकित 42-70-2023 शून्य व अकृत है। शिकायतकर्ता ने रेरा के सी.ए. से गणना कराये जाने का निवेदन किया है। विपक्षी की ओर से कहा गया कि उभयपक्षों की सहमति के आधार पर बकाया धनराशि रू.5,45,306 /-पायी गयी थी, केवल मूलधन व ब्याज को पृथक किया जाना al ब्याज की धनराशि के संबंध शिकायतकर्ता द्वारा कोई आपत्ति नहीं उठायी गयी, सहमति के आधार पर बकाया धनराशि तय हो जाने के पश्चात अब शिकायतकर्ता ब्याज की धनराशि को गलत बता रहा है। वास्तविकता यह है कि शिकायतकर्ता बकाया धनराशि का भुगतान कर कब्जा प्राप्त करना नहीं चाहता। पत्रावली के आदेश पत्र दिनांक 46--07-2025 से प्रकट होता है कि विपक्षी ने अपनी अनुपालन आख्या में यह प्रश्न उठाया गया कि रेरा द्वारा की गयी गणना दोष पूर्ण है, क्योंकि रेरा के सी.ए. द्वारा की गयी गणना में कोविड की अवधि को भी शामिल किया गया है, इसलिए विपक्षी ने किसी अन्य सी.ए. से गणना कराये जाने का निवेदन किया। न्यायालय द्वारा सी.ए. की गणना का अवलोकन करने पर यह पाया गया कि गणना में कोविड-49 की अवधि को शामिल नहीं किया गया है, इसलिए "ae प्रार्थना को अस्वीकार किया गया। — 22 E-Court
उभयपक्षों के मध्य गणना को लेकर विवाद के संबंध में दिनांक 03-09-2025 के आदेश पत्र के अवलोकन से प्रकट होता है कि विपक्षी ने शिकायतकर्ता पर कुल धनराशि रू. 645,iI6/— बताया था, जिसमें @. Go980/- की छूट प्रदान करने के पश्चात शिकायतकर्ता पर बकाया धनराशि रू.5,45,306 //- बताया गया। उभयपक्षों की सहमति से शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी को रू.5,45,306 //-का भुगतान किया जाना तय पाया गया। इस धनराशि के संबंध में शिकायतकर्ता ने कोई विवाद नहीं किया, बल्कि अपनी सहमति प्रदान किया। शिकायतकर्ता द्वारा मात्र यह कहा गया कि मूलधन व ब्याज की धनराशि को पृथक-पृथक करा दिया जाय। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर मूलधन व ब्याज की धनराशि को पृथक-पृथक करने हेतु विपक्षी को निर्देशित किया गया। विपक्षी द्वारा मूलधन व ब्याज की घनराशि को अलग किये जाने के पश्चात शिकायतकर्ता ने केवल मूलधन की धनराशि का भुगतान किया। ब्याज की धनराशि का भुगतान करने से इस आधार पर भुगतान करने से इंकार किया जा रहा है कि ब्याज की मांगी जा रही धनराशि गलत व मनमाना है इसलिए रेरा के सी.ए. से गणना करायी जाय। उल्लेखनीय है कि दिनांक 03-09-2025 को शिकायतकर्ता की सहमति के आधार पर रू.5,45,306 / - की धनराशि पायी गयी थी। इस धनराशि में मूलधन व ब्याज दोनों की धनराशि सम्मिलित थी। बकाया धनराशि रू.5,45,306 /- के संबंध में सहमति देने के बावजूद शिकायतकर्ता ब्याज की धनराशि का भुगतान नहीं कर रहा है। शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के मांग पत्र को गलत व मनमाना बताया जा रहा है। दिनांक 03-09-2025 को स्वयं की सहमति के पश्चात शिकायतकर्ता द्वारा सहमत धनराशि को विवादित नहीं किया जा सकता।
शिकायतकर्ता उभयपक्षों द्वारा सहमत अवशेष धनराशि रू.5,45,306 /- का भुगतान करने के लिए बाध्य है। मूलधन का भुगतान कर दिया गया है। शिकायतकर्ता ब्याज की धनराशि का भुगतान करने के लिए भी बाध्य है। बकाया के संबंध में उभयपक्षों की सहमति के पश्चात रेरा के सी.ए. से गणना कराये जाने का कोई औचित्य एवं आधार प्रतीत नहीं होता हैं। शिकातकर्ता द्वारा प्रस्तुत आवेदन खारिज किया जाता है। शिकायतकर्ता को निर्देशित किया जाता है कि वह to दिन के अन्दर ब्याज की अवशेष धनराशि का भी विपक्षी को भुगतान कर अपेक्षित स्टाम्प व अन्य प्रकीर्ण व्यय के साथ विपक्षी के कार्यालय से सम्पर्क कर विक्रय विलेख निष्पादित कराना सुनिश्चित ््र्ध्ट्र पत्रावली सुनवाई हेतु दिनांक: 0-02-2026 को पेश हो । 2272“ * न््यायनिर्णायक अधिकारी 23 | १-2