Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Dhirendra Kumar v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. ADJ/NCR144/01/0303/2020
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2020-05-21
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Counsel
- Puneet Jain (in this matter)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
ह॥ उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। आदेश पीठ-नन््यायनिर्णायक अधिकारी पीठासीन:- श्री चैतन्य कुमार कुलमश्रेष्ठ शिकायत संख्या —ADI/NCRI44/0i/0303/2020 धीरेन्द्र कुमार, 348, Ist Floor, Sec-5, Vasundhara Plaza, Ghaziabad, U.P. बनाम मैसर्स लॉ-रेसीडेन्टिया डेवलपर्स प्रा0लि0, Pankaj Jain House )२०-।95, Second Floor, Ram Vihar, Delhi-l0092. है। शिकायतकर्ता ने यह शिकायत विपक्षी के विरूद्द प्रतिकर दिलाये जाने हेतु संस्थित की शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने विपक्षी की परियोजना La Residentia गौतमबुद्धनगर में फ्लैट संख्या-202, Tower No.-2], La Residentia, Tech Zone-4, YEX नोएडा वेस्ट में बुक कराया था। इस फ्लैट का कुल मूल्य 40,72,900/— रूपये था। वह अब तक 30,52,445/—- रूपये की धनराशि अदा कर चुका है। बिल्डर बायर wits के अनुसार दिनांक 05.03.2074 तक फ्लैट का कब्जा दिया जाना था। फ्लैट फरवरी 2044 में बुक किया गया था। मार्च 2049 में बिल्डर द्वितीय फेज में शिफ्ट हो गया था और सितम्बर 20:9 तक कब्जा दिया जाना al 42 लाख से अधिक की धनराशि लेने के बाद भी अब तक फ्लैट का कब्जा नहीं दिया है, उसका कहना है कि फरवरी 2044 से किराया और बैंक का ब्याज अदा कर रहा है। इन आधारों पर प्रतिकर दिलाये जाने की प्रार्थना की है।
विपक्षी को नोटिस भेजे गये। नोटिस की तामील हुई | विपक्षी पीठ के समक्ष उपस्थित हुआ, उसने अपना जवाब प्रस्तुत किया और कहा है कि वह फ्लैट बनाने का कार्य करता है, उसे प्राधिकरण ने प्लॉट संख्या-0.प्र-06, जिसका क्षेत्रफल 97,726.62 वर्ग मीटर था। बाद में जिस विभाजित करके प्लॉट संख्या-6.प-06७, जिसका क्षेत्रफल 80026.62 वर्ग मीटर है, लॉ-रेसीडेन्टिया डेवलपर्स प्राणलि0 को आवंटित की गयी। परियोजना दिनांक 46.03.2044 को लॉन्च की गयी और दिनांक 44.03.2044 में मानचित्र स्वीकृत होने के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण को भेजा गया। परियोजना में 39 टॉवर हैं। फेज-4 में is टॉवर है, जिनके ओ.सी. प्राप्त हो चुके हैं a JX ead \a-? 2 और 972 फ्लैट के कब्जे दिये जा चुके है। फेज़-2 में 44 टॉवर हैं, जिनका दिसम्बर 2020 तक कब्जा दे दिया जायेगा। फेज-3 में 40 टॉवर हैं, जिसका कब्जा भी दिसम्बर 2020 तक दे दिया जायेगा। परियोजना में देरी इसलिए हुई कि दिनांक 79.07.2044 को माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण रद् कर दिया। न्यायालयों के स्थगन आदेशों का उल्लेख किया है और यह स्वीकार किया है कि प्रश्नगत टॉवर-24, फ्लैट संख्या-4202, 545 वर्ग मीटर शिकायतकर्ता को आवंटित किया गया, जिसका भौतिक कब्जा दिसम्बर 2020 तक दे दिया जायेगा और हुई देरी के लिए प्रतिकर अदा किया जायेगा, जो 5/- रुपये प्रति वर्ग फुट प्रतिमाह की दर पर देय होगा। इन आधारों पर शिकायत को खारिज करने प्रार्थना की है। उभयपक्षों ने अपने-अपने प्रलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किये हैं, जिसमें ved परियोजना की जमा धनराशि की रसीदें, आवंटन पत्र, शिकायतकर्ता ने प्रस्तुत की है। विपक्षी ने विभिन्न न्यायालयों के आदेशों की प्रतियाँ दाखिल की है।
शिकायत लंबित रहने के दौरान दिनांक 06.03.2079 को उभय पक्ष की ओर से समझौतनामा दाखिल किया गया। इस समझौतानामा की शर्तों को उभय पक्षों को सुनाया गया और उभय पक्ष समझौतानामा की शर्तों से सहमत हुए। समझौतानामा में यह अंकित है कि विपक्षी मार्च 2020 से किराये के मद में 40,000 /- रूपये शिकायतकर्ता को अदा करेगा और समझौतानामा के आधार पर शिकायत का निस्तारण करने की प्रार्थना की गयी है। उभय पक्ष ने समझौता कर लिया है और समझौते की शर्तों से उभय पक्ष सहमत है। समझौते के आधार पर शिकायत का निस्तारण कराना चाहते हैं। अतः समझौते की शर्तों के आधार पर शिकायत का निस्तारण किया जाना उचित प्रतीत होता है। आदेश यह शिकायत समझौतानामा दिनांक 06.03.2020 की शर्तों के अधीन निस्तारित की जाती है। विपक्षी, शिकायतकर्ता को मार्च 2020 से कब्जा प्राप्त करने के दिनांक तक समझौतानामा की शर्तों के अनुसार 0,000 /— रूपये प्रतिमाह की दर पर किराये के मद में धनराशि अदा करेगा। अतः पत्रावली अभिलेखागार में दाखिल की be पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक- ॥१ /०5 /2020 ASE कुमार कुलश्रेष्ठ) (न्यायनिर्णायक अधिकारी) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण