Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Sanjeev Kumar v. Perfect Propbuild Pvt Ltd
Complaint No. 9201818183
- Decision date
- 2019-01-25
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-02, शिकायत संख्या: 920i84883 संजीव कुमार बनाम परफेक्ट प्रोबिल्ड प्रा.लि. 4.07.2029 | ag शिकायत श्री संजीव कुमार आदि निवासी tr no. 330, Type- C, SECTOR ॥7 BHEL TOWNSHIP BHEL TOWNSHIP Noida Noidal ने दिनांक- 2-09-20i8 को उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण ala बुद्ध नगर को प्रस्तुत शिकायत सं. 920:8I8I83 संस्थित की गयी है जिसमें शिकायतकर्ता ने फ्लैट का तत्काल प्रभाव से कब्जा/अधिग्रहण व विलम्ब अवधि क्षतिपूर्ति दिलाये जाने की प्रार्थना की है। शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायत में जो तथ्य अंकित हैं उसके अनुसार उन्होंने प्रतिवादी gant संचालित परियोजना ‘ANTRIKSH FOREST(I)’, cat J, फ्लैट संख्या-4-502,बुक कराया गया था। फ्लैट की कुल अंकन कीमत रु 4045708/- थी जिसपर शिकायतकर्ता द्वारा कुल अंकन रु 4045708/- की धन्तराशि का भुगतान कर चुका है। शिकायतकर्ता का कथन है कि अनुबन्ध के अनुसार प्रतिपक्षी को दिनांक 34-72-20i2 तक यूनिट का अधिग्रहण देना था जो कि नहीं मिला है। परियोजना पूर्ण होने में विलम्ब हुआ है। शिकायतकर्ता दवारा यह भी अभिकथन किया गया कि प्रतिपक्षी को कन्स्ट्रक्शन लिंक फ्लैक्सी प्लान के आधार पर समय से feral का भुगतान किया गया था 5.5 वर्ष डिले किये जाने के बावजूद फ्लैट का कब्जा नहीं प्राप्त कराया गया है। शिकायतकर्ता ने अपने अभिकथनों के समर्थन में अलोटमेन्ट लेटर, अनुबन्धपत्र, भुगतान की रसीदें, आदि संलग्नक किये है। प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी की गयी तथा प्रतिपक्षी के विद्वान अधिवक्ता उपस्थित आए एवं प्रतिवादपत्र दाखिल नहीं किया गया। ह
प्रतिपक्षी ने अभिकथन किया कि निर्माता द्वारा ‘ANTRIKSH FOREST() परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें 22 टावर्स का निर्माण किया जाना था तथा उक्त टावर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है और प्राधिकरण के समक्ष सभी टावर्स के सम्बन्ध में at 2044 में ओ.सी निर्गत करने हेतु प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जा चुका है। प्राधिकरण द्वारा अनेको कारणवश ओ-सी निर्गत नहीं की गयी जिसमें से सबसे प्रमुख एपरोच रोड़ का निर्माण तथा लिफ्ट का प्रयोग में न होना रहा है। अतः सभी कमियों को दूर at स्मृतिपत्र भी प्रस्तुत किया जा चुका है तथा लगभग 400 आवंटियों द्वारा कब्जा प्राप्त किया जा चुका है। Alder Scanned by CamScanner प्रतिपक्षी ने कथन किया है कि उक्त प्रश्नगत परियोजना के सम्बन्ध में प्राधिकरण द्वारा ओ.सी. निर्गत करने के उपरान्त आवश्यक कार्यवाही को पूर्ण करते हुए शिकायतकर्ता श्री संजीव कुमार को कब्जा/अधिग्रहण प्रदान कर दिया जाएगा। प्रतिपक्षी ने यह भी अवगत कराया कि आवंटियों द्वारा जमा धनराशि विकास कार्यों में व्यय हो चुकी है जिस कारण धन वापसी की सम्भव नहीं है। अतः निर्माता द्वारा संयुक्त वार्ता के साथ समायोजित विकल्पों से विधिसम्मत समझौता करार व अनुबन्ध कराने के निवेदन को गति प्रदान का सहयोग कराने की प्रार्थना की गयी है। प्रतिपक्षी दवारा अपने आवेदित ओ.सी की छायाप्रति संत्रग्नक प्रस्तुत की है।
पीठ दावारा उभयपक्षों द्वारा प्रस्तुत ae एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का गहन परिशीलन तथा विश्लेषण किया गया। विश्लेषण से स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता को अभी भी फ्लैट का अधिग्रहण प्राप्त नहीं कराया गया है। यह भी स्पष्ट है कि प्रमोटर द्वारा निकट भविष्य में शिकायतकर्ता को फ्लैट का अधिग्रहण दिये जाने की पूर्ण सम्भावना है, क्योंकि स्वयं प्रमोटर के प्रतिनिधि ने यह लिखित रूप से अपने प्रतिवादपत्र में यह अंकित किया है कि शिकायतकर्ता को आवंटित यूनिट के टावर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा उक्त प्रश्नगत परियोजना के टावर के सम्बन्ध में Occupancy Certificate (0.0) प्राधिकरण प्रेषित की जा चुकी है और शिकायतकर्ता भी फ्लैट का अधिग्रहण/कब्जा प्राप्त करने का इच्छुक है। आदेश न्यायहित में पीठ इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि शिकायतकर्ता का प्रार्थनापत्र आज्ञप्त किया जाता है। प्रतिपक्षी को निम्नलिखित रूप से आदेशित किया जाता है। उ.प्र, भ-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण की धारा i8 के अंतर्गत प्रतिपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह सभी प्रकार की त्रुटियां दूर कर शीघ्रतिशीघ्र “ANTRIKSH 707२657(॥)', टावर- J, फ्लैट संख्या-4502,बुक कराया गया था, पर I. वैधानिक अधिग्रहण/कब्जा प्राप्त कराना सुनिश्चित करें। faara अवधि के लिए क्षतिपूर्ति अनुबन्ध पत्र (Agreement to Sale) में अंकित कब्जा प्राप्ति की तिथि से वास्तविक कब्जा प्राप्ति की तिथि तक M.C.L.R+I% अनमन्य ब्याज दर से शिकायतकर्ता की बकाया धनराशि में अधिग्रहण प्राप्ति के समय समायोजित की जाए। Scanned by CamScanner
3. प्रतिपक्षी प्रमोटर द्वारा अन्दर 45 दिन आदेश का अनुपालन न किये जाने पर शिकायतकर्ता/आवंटी को यह अधिकार होगा कि उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से आदेश का क्रियान्वयन करा सके। इस आदेश का उल्लघंन उ0प्र0भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक 4.04.209 (बलविन्दर कुमार) (सदस्य) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण Scanned by CamScanner