Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
harpreet singh v. Logix Infrastructure Pvt.ltd
Complaint No. 7201814649
- Decision date
- 2019-03-07
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
४ उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-04, श्री राजीव कुमार,अध्यक्ष श्रीमती कल्पना मिश्रा, सदस्य शिकायत संख्या : 720:874649 हरप्रीत सिंह बनाम मैसर्स लॉजिक्स इंफास्ट्रक्चर प्रा.लि. आदेश 27.02.2049 प्रस्तुत शिकायत प्रार्थना पत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध जमा धनराशि वापस दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना Blossom County, Phase-4 में फ्लैट नं० ए-804 बुक किया गया, जिसके लिए शिकायतकर्ता द्वारा समय समय पर fee के आधार पर 37,34,357/— रूपये का भुगतान किया गया। विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को कब्जा दिनांक 4.08.2044 तक क्या जाना था, किन्तु विपक्षी द्वारा अभी तक कब्जा नहीं दिया गया, अतः शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया। विपक्षी द्वारा प्रतिवादपत्र दाखिल करते हुए कहा गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा विधि का दुरूपयोग करते हुए वाद योजित किया गया है। कुछ फोर्स मैज्योर के कारण परियोजना विलंबित हुई है, जो कि पक्षकारों के मध्य अनुबन्ध में क्लॉज 6. में पूर्व से उल्लिखित था, जिससे शिकायतकर्ता अवगत था। शिकायतकर्ता की यूनिट का मूल्य कुल 97,96,489,/- रूपये है, जिसमें से शिकायतकर्ता द्वारा मात्र 7 लाख रूपये दिये गये हैं, शिकायतकर्ता को डिमांड लैटर प्रेषित किया जा चुका है, किन्तु उसके द्वारा भुगतान नही किया जा रहा है। विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में आवंटन पत्र, फ्लैट बायर एग्रीमेन्ट, भुगतान की रसीदें, डिमांड लैटर, ई-मेल्स, की छायाप्रतियां दाखिल की गयी हैं। शा — al Oy Scanned by CamScanner
उभयपक्ष को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया। यह निर्विवादित है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना फ्लैट बुक कराया था| इस तथ्य पर भी कोई विवाद नही है कि विपक्षी अनुबंधित अवधि में कब्जा प्रदान करने में असमर्थ रहा है। यह तथ्य भी विचारणीय है कि रेरा की वेबसाईट पर उक्त परियोजना के शुरू होने की तिथि 42032000 है, अर्थात परियोजना को शुरू हुए लगभग 8 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है और रेरा की वेबसाईट पर ही प्रस्तावित पूर्णता की तिथि 34.08.20:9 दी गयी है, जो कि निकट है, किन्तु विपक्षी की ओर से कहा गया है कि शिकायतकर्ता की यूनिट पूर्ण है और बकाया भुगतान नही कर रहा है। यद्यपि विपक्षी द्वारा यह कथन किया गया है कि परियोजना पूर्ण है, किन्तु विपक्षी द्वारा ओ. सी. की बाबत कोई कथन नही किया गया है, कि उसे प्राप्त हुई है अथवा नहीं। इस सम्बंध में सिविल अपील tio 6649-50 /20I8 सुपरटेक लिमिटेड बनाम रजनी गोयल में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है कि :- " the period of Interest should close on April 206 when the Full Occupancy Certificate was obtained as per the admission of the Respondent — Purchaser herself in Para 4(j) of the Consumer Complaint, wherein she has admitted that the Appellant — Builder had obtained the Completion Certificate as late as April 20I6. The Respondent — Purchaser could not have any further grievance after April 206 with respect to delay in handing over ' possession. The Respondent — Purchaser ought not 7 to be allowed to reap the benefits of her own delay in taking possession. "
उपरोक्त विधि व्यवस्था के के अनुसार ओ.सी. मिलने व कब्जा ऑफर करने की तिथि, जो भी बाद में हो, तक शिकायतकर्ता विलम्ब ब्याज पाने का अधिकारी होगा। ऐसी दशा में शिकायतकर्ता मात्र ओ.सी. मिलने के दिनांक तक ही ब्याज पाने के अधिकारी होगें। यह भी उल्लेखनीय है कि विपक्षी द्वारा अनुबन्ध में शिकायतकर्ता को अनुबन्ध निष्पादित करने से iste माह (ग्रेस पीरियड) में कब्जा दिया जाना था। फ्लैट बायर एग्रीमेन्ट दिनांक 40.0.204 को निष्पादित किया गया है एवं अनुबन्ध के अनुसार विपक्षी को 20.0.203 तक कब्जा देना था, किन्तु विपक्षी द्वारा आज तक कब्जा नही दिया गया है। i सम्बंध में उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र उच्च न्यायालय के नीलकमल रियलटर्स सबअर्बन प्रालि. आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया की याचिका में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा अभिनिर्धारित किया गया है कि :- शा BN Scanned by CamScanner
x Section 48()(b) lays down that if the promoter fails to complete or is unable to give possession of an aprtment due to discontinuance of his business as a developer on account of suspension or revocation of the registration under the Act or for any other reason, he is liable on demand to the allottees, in case the allottee wishes to withdraw from the project, without prejudice in this behalf including compensation. If the allottee does not intent to withdraw from the project he shall be paid by the promoter interest for every month's delay till handing over of the possession,. The requirement to pay interest is not a penalty as the payment of interest is compensatory in nature in the light of the delay suffered by the allottee who has paid for his apartment but has not received possession of it. The obligation imposed on the promoter to pay . interest till such time as the apartment is handed * over to him is not unreasonable. The interest is merely compensation for use of money. अतः उपरोक्त निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट है कि उ0प्र0 रेरा के प्राविधानों के अन्तर्गत प्रमोटर व केता के बीच किये गये अनुबंध के अनुरूप विलम्ब तथा मूल धनराशि पर ब्याज देय होगा, क्योंकि प्रमोटर्स द्वारा उक्त धनराशि का उपभोग किया गया है।
यह भी उल्लेखनीय है कि पक्षकारों के मध्य एक अनुबन्ध निष्पादित है, जो कि उभयपक्ष द्वारा हस्ताक्षरित है, जिससे यह अवधारित किया जा सकता है कि उभयपक्ष को उक्त अनुबन्ध की शर्ते स्वीकार हैं। अनुबन्ध के अनुसार परियोजना के विलंब की अवधि में 5 रूपये प्रतिवर्ग फुट प्रतिमाह की दर से क्षतिपूर्ति का प्राविधान है, जिसके अनुसार शिकायतकर्ता क्षतिपूर्ति पाने का अधिकारी है, किन्तु शिकायतकर्ता की ओर से यह भी आपत्ति की गयी है कि उक्त क्षतिपूर्ति अत्यंत कम है और रेरा के प्राविधानों के अनुसार जिस दर से विपक्षी द्वारा क्षतिपूर्ति प्राप्त की गयी है उसी दर से क्षतिपूर्ति देने का प्राविधान है। इस सम्बंध में उल्लेखनीय है कि माननीय उच्च न्यायालय मुम्बई द्वारा उपरोक्त विधि व्यवस्था में यह भी अभिनिर्धारित किया गया है कि :- For the reasons already indicated, aforesaid decisions are not applicable to the facts of the present case. / have already indicated that the provisions of RERA are prospective in nature. The penalty under Sections 78, 38, 59, 60, 64, 63 and 64 is to be levied on Scanned by CamScanner account of contravention of provisions of RERA, prospectively and not retrospectively. अतः उपरोक्त निर्णय के आलोक में यह स्पष्ट है कि उ0प्र0 रेरा के
प्राविधानों के अन्तर्गत प्राविधानित दंड पूर्वव्यापी नहीं, बल्कि भविष्यलक्षी होना चाहिये। ऐसी दशा में Rr के प्रभाव में (दिनाक .5.2046) से पूर्व अनुबन्ध के अनुसार धनराशि भुगतान किया जाना चाहिये और रेरा के आने के बाद दिनांक 4.5.2046 से रेरा के प्राविधानो के अनुसार विलंबित अवधि में जमा धनराशि पर ब्याज पाने का अधिकारी है, जिस वाद में पक्षकारों के मध्य कोई अनुबन्ध निष्पादिंत नही है, वहां शिकायतकर्ता रेरा के प्राविधानों के अनुरूप जमा धनराशि पर ब्याज पाने का अधिकारी होगा। जहां तक देय ब्याज दर का प्रश्न है, तो राज्य सरकार द्वारा भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 20.6 के अधीन दिनांक 47.40.2048 को भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) (विकय,पटटा के लिए करार) नियमावली 20i8 अधिसूचित की गयी हैं। इसमें संलग्नक के रूप में दिये गये विकय ,//पटटा विलेख के प्रारूप के प्रस्तर 9 में प्रमोटर्स के डिफाल्ट प्रकरण (Events of default) परिभाषित है, जिसमें प्रस्तर 9 (ii) A प्रमोटर के डिफाल्टर होने की स्थिति में आवंटी हेतु प्राविधानित है किः- The Allottee shall have the option रण terminating the Agreement in which case the Promoter shall be liable to refund the entire money paid by the Allottee under any head whatsoever towards the purchase of the apartment, along with interest at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +l% unless provided otherwise under the Rules. within forty-five days of receiving the termination notice:
यही दर आवंटियों के द्वारा डिफॉल्ट की स्थिति में भी प्रस्तर o(iii) F निर्धारित है। उक्त प्राविधान को दृष्टिगत रखते हुए आवंटी को McLRH प्रतिशत की ब्याज दर पर ब्याज सहित धनवापसी किया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। तदनुसार शिकायतकर्ता का निस्तारित किया जाता है। हे कि Scanned by CamScanner 5 4. विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह, यदि कोई बकाया धनराशि * देय है, तो उसे प्राप्त कर शिकायतकर्ता को ओ.सी.,/सी.सी. सहित कब्जा देना सुनिश्चित करें। 2... विपक्षी, शिकायतकर्ता को ग्रेस पीरियड के साथ अनुबंधित अवधि के पश्चात से 5/— रूपये प्रतिवर्गफुट प्रतिमाह की दर से से दिनांक 30.4. 2046 तक व दिनांक 45.20I6 से ओ.सी.,/ सी.सी. सहित माग पत्र जारी करने की तिथि तक, McLRHi प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना सुनिश्चित करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाता है कि ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी और यदि ब्याज की धनराशि देय धनराशि से अधिक है, तो नियमानुसार शिकायतकर्ता को वापस की जाये। 3. इस आदेश का उल्लघंन उ0प्र0भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 206 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। ५८५००३२४८४-- IMA oy oe जा (कल्पना मिश्रा) (राजीव कुमार) (सदस्य) (अध्यक्ष) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण 3उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण Sc anned by CamScanner