Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Vikas Gupta v. Newtech La Palacia Private Limited
Complaint No. 420189245
- Decision date
- 2019-03-14
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-04, श्री राजीव कुमार, अध्यक्ष श्रीमती कल्पना मिश्रा, सदस्य शिकायत संख्या : 420489245 विकास गुप्ता निवासी फ्लैट नं० ava 504, ए.डब्लू एच.ओ. सोसायटी, गुरजिन्दर विहार, ग्रेटर नोएडा | ee शिकायतकर्ता बनाम न्यूटेक प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राएलि0, निवासी सी.ए. 52, पीपल्स को ऑपरेटिव कॉलोनी, कंकरबाग पटना | 22.04.2049 प्रस्तुत शिकायत प्रार्थनापत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध जमा धनराशि मय ब्याज दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षिप्त में शिकायतकर्ता का कथन है कि शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी की परियोजना NewTech La Palacia ¥ फ्लैट Ho बी-807, बुक कराया था और अनुबन्ध के अनुसार दिनांक 08.02.20:8 तक कब्जा दिया जाना था। इस मद में शिकायकर्ता द्वारा विपक्षी को समय-समय पर किश्तों के आधार पर कुल रू0 5,25,269/—sreT किये गये, किन्तु विपक्षी द्वारा अभी तक कोई कब्जा शिकायकर्ता को नही दिया गया है। अतः शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि मय ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है । शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में आधार कार्ड, जमा धनराशि का विवरण व आवंटन पत्र की छायाप्रतियां प्रस्तुत किये गये। हक हि Scanned by CamScanner 2 विपक्षी की ओर से प्रतिवादपत्र दाखिल करते हुए कहा गया कि परियाजना पूर्ण है और विलंब के लिए अनुबन्ध के अनुसार क्षतिपूर्ति दी जायेगी। भूमि अधिग्रहण की बाबत किसानों के विवाद, नोटबंदी, एन.जी.टी. के आदेश के कारण परियोजना विलंबित हुई है, जिसके लिए विपक्षी उत्तरदायी नही है। उभयपक्ष को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके द्वारा विपक्षी की परियोजना में यूनिट बुक की गयी, जिसे विपक्षी अनुबंधित अवधि मे देने में असफल रहा है, जिस पर विपक्षी की ओर से कहा गया है कि परियोजना अंतिम चरण में है और वह शिकायतकर्ता को कब्जा दे सकता है। विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में परियोजना की फोटो दाखिल की गयी है, जिनके अवलोकन से विदित है कि परियोजना अंतिम चरण में है और पूर्णता के निकट है, विपक्षी द्वारा शीघ्र ही कब्जा दिये जाने का कथन किया गया है। रेरा की वेबसाईट पर भी परियोजना को पूर्ण करने की तिथि 306.20:9 दी गयी है, जो कि नजदीक की तिथि है। इस सम्बंध में माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील सं0 744 / 2047 चित्रा शर्मा आदि बनाम यूनियन ऑफ इंडिया आदि में अभिनिर्धारित किया गया है कि :- " The figures........ which have been made available presently, following the opening of the web portal by the amicus curiae, indicate that 8% of the home buyers have sought a refund of their monies while 92% would evidently prefer possession of the homes which they have purchased. We cannot be unmindful of the interests of 92% of the home buyers many of whom would also have obtained loans to secure a home. They would have a legitimate grievance if the corpus of Rs 750 crores (together with accrued interest) is distributed to the home buyers who seek a refund."
ऐसी दशा में धनराशि वापस किये जाने से उन आवंटियों के हित प्रतिकूलतः प्रभावित होना संभावित है, जो कि यूनिट का कब्जा लेना चाहते हैं। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित विधि व्यवस्था के अन्तर्गत शिकायतकर्ता को धनवापसी किया जाना विधिसंगत प्रतीत नही होता है। विपक्षी की परियोजना विलंबित है और उक्त अवधि में शिकायतकर्ता जमा धनराशि पर ब्याज पाने का अधिकारी है । पशा ds Scanned by CamScanner जहां तक देय ब्याज दर का प्रश्न है, तो राज्य सरकार द्वारा भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम 20i6 के अधीन दिनांक 47.40.2048 को भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) (विकय,/पटटा के लिए करार) नियमावली 20i8 अधिसूचित की गयी हैं। इसमें संलग्नक के रूप में दिये गये विकय / पटटा विलेख के प्रारूप के प्रस्तर 9 में प्रमोटर्स के डिफाल्ट प्रकरण (Events of default) परिभाषित है, जिसमें प्रस्तर 9 (ii) F प्रमोटर के डिफाल्टर होने की स्थिति में आवंटी हेतु प्राविधानित है कि:- The Allottee shall have the option of terminating the Agreement in which case the Promoter shall be liable to refund the entire money paid by the Allottee under any head whatsoever towards the purchase of the apartment, along with interest at the rate equal to MCLR (Marginal Cost of Lending Rate) on home loan of State Bank of India +l% unless provided otherwise under the Rules. within forty-five days of receiving the termination notice: यही दर आवंटियों के द्वारा डिफॉल्ट की स्थिति में भी प्रस्तर o(iii) 4 निर्धारित है। उक्त प्राविधान को दृष्टिगत रखते हुए आवंटी को McLR+ प्रतिशत की ब्याज दर पर ब्याज दिलाया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है।
जहां तक मुआवजा देने का प्रश्न है, तो यह एडज्यूडिकेटिंग ऑफिसर के क्षेत्राधिकार में है। अतः इस बिन्दु पर प्राधिकरण द्वारा कोई आदेश पारित नही किया जा सकता है। तदनुसार शिकायतकर्ता का प्रार्थनापत्र निस्तारित किया जाता है। शिकायतकर्ता का प्रार्थनापत्र तदनुसार निस्तारित किया जाता है और विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह प्रश्नगत फ्लैट का कब्जा नियमानुसार देय धनराशि देकर प्राप्त करें तथा पंजीकरण कराये। विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह अनुबंधित अवधि से ओ.सी. JOR. सहित कब्जा का ऑफर दिये जाने तक शिकायतकर्ता द्वारा जमा धनराशि पर MCLR+ प्रतिशत की ब्याज दर से क्षतिपूर्ति देना सुनिश्चित करें। ब्याज की यह धनराशि अंतिम भुगतान की धनराशि में समायोजित की जायेगी। क्षतिपूर्ति की धनराशि भुगतान की धनराशि से अधिक होने की दशा में शिकायतकर्ता को नियमानुसार वापस की जाये। eo 2 Scanned by CamScanner इस आदेश का उल्लघंन उ0प्र0भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2076 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। (कल्पना मिश्रा) (राजीव कुमार) (सदस्य) (अध्यक्ष) सम्पदा विनियामक प्राधिकरण उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण BOW भू- Scanned by CamScanner