Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Yatish Agarwal v. Pushpanjali Constructions Private Limited
Complaint No. 220187419
- Decision date
- 2018-08-27
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
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Judgment text
मेरठ विकास प्राधिकरण, मेरठ | उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण शिकायत संख्या:--220487449 दिनांक : 23 अगस्त, 2048 शिकायतकर्ता: विकासकर्ता: श्री यतीश अग्रवाल, मै0 पुष्पांजलि कन्स0 प्रा0 लि0, निवासी-फ्लैट-42042,एटीएस एडवान्टेज, 46-ए, प्रभुनगर, जयपुर हाउस, अहिंसा खण्ड, गाजियाबाद | आगरा--282040 | आदेश दी रियल wee (रैगुलेशन एण्ड डवलपमेन्ट) एक्ट 2046 एवं उ0प्र० रियल एस्टेट (रैगुलेशन्स एण्ड डवलपमेन्ट) wet 2046 के प्राविधानों के अन्तर्गत मेरठ विकास प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत शिकायत संख्या-220487449 में सुनवाई की गयी, जिसमें शिकायतकर्ता (श्री यतीश अग्रवाल) द्वारा विकासकर्ता (मै0 पुष्पांजलि Geto प्रा0 feo) के विरूद्ध शिकायत की गयी | शिकायतः-- शिकायतकर्ता द्वारा मूलतः यह शिकायत की गयी है कि उनके द्वारा वर्ष 2044 में पुष्पांजलि प्लानेट, शमसाबाद रोड, आगरा में 20 फ्लैट व पुष्पांजलि सनसिटी व पुष्पांजलि राजपथ मोजा, पथोली, आगरा में कुल 23 प्लॉट आरक्षित किये गये। परन्तु अद्यतन तक विकासकर्ता द्वारा कब्जा नही दिया गया है।
सुनवाई:- प्रश्नगत प्रकरण में तीन सुनवाई में शिकायतकर्ता एवं विकासकर्ता के प्रतिनिधि द्वारा प्रतिभाग किया गया। आवंटी द्वारा वर्ष 2044 में बीस फ्लैट एवं 23 प्लॉट बुक कराये थे। प्लॉट के सापेक्ष %O—7,67,00,000/— एवं फ्लैट के सापेक्ष रू0-4,72,00,000,//- बिल्डर को दिये है। बिल्डर द्वारा दिये गये अधिकतर प्लॉट बंधक थे। फ्लैट में स्ट्रक्चर ही बना है। शेष कार्य नही हुए है। 07 वर्ष व्यतीत होने के उपरान्त भी निर्माण कार्य नही हुए है। आवंटी को आवंटित भूखण्ड संख्या-47, 34¥, 67ए बिल्डर द्वारा विक्रय कर दिये गये है। बिल्डर के साथ कोई सम्पर्क नही है। बिल्डर द्वारा कोई अनुबन्ध नही किया गया है। आवंटी द्वारा i8% ब्याज के साथ अपनी जमा धनराशि वापिस दिलाने की मांग की है। विकासकर्ता के प्रतिनिधि द्वारा अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनके द्वारा कथन किया गया कि आवेदक द्वारा पुष्पांजलि प्लानेट, शमसाबाद रोड, आगरा में 20 फ्लैट व पुष्पांजलि सनसिटी व पुष्पांजलि राजपथ मोजा, पथोली, आगरा में कुल 23 प्लॉट आरक्षित किये गये थे। कम्पनी द्वारा भूखण्डों के विक्रय विलेख निष्पादित किये जाने पर श्री सी.बी.एल. अग्रवाल द्वारा कम्पनी के निदेशक से कहा गया कि उन्होने निवेश किया है व उनका उद्देश्य उक्त फ्लैट/प्लॉट की कीमत में वृद्धि होने पर लाभ प्राप्त कर उन्हे आगे विक्रय करना है। यदि उक्त फ्लैट /भूखण्डों में से किसी सम्पत्ति का बैनामा कराना होगा तो उनके पुत्र श्री यत्तीश अग्रवाल व उनकी पुत्रवधु श्रीमती गरिमा अग्रवाल के नाम पर निष्पादित करायेगें। आवंटी द्वारा भूखण्डों के सापेक्ष समस्त धनराशि का भुगतान किया जा चुका है एवं बुक कराये गये फ्लैटों की बुकिंग धनराशि का 50-55% धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। विकासकर्ता द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि उनके द्वारा आवंटी को उक्त भूखण्डों / फ्लैटों के
बुकिंग के समय यह अवगत कराया गया था कि उनके द्वारा बुक कराये गये भूखण्डों में से कुछ भूखण्ड आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा बंधक रखे गये है, जो कि कार्य पूर्ण होने पर अवमुक्त कर दिये जायेगें। उक्त भूखण्डों को आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा saya कर दिया गया है। आवंटी द्वारा बुक कराये गये प्लॉट संख्या-423 पुष्पांजलि राजपथ व प्लॉट Wem-—s3iy व 67ए सनसिटी आगरा को श्री सी.बी. अग्रवाल के कहे अनुसार विक्रय कर दिया गया, जिसमें से प्लॉट We—i23 से प्राप्त धनराशि उनको वापिस कर दी गयी। आवेदक द्वारा भूखण्ड संख्या-34ए व 67ए के स्थान पर भूखण्ड संख्या-04 व 06 का आवंटन कराया गया, जिसका कूल क्षेत्रफल पूर्व आवंटित भूखण्डों के सापेक्ष 438.93 वर्ग गज अधिक था, जिसकी कीमत आवंटी द्वारा कम्पनी को उपलब्ध नहीं करायी गयी। प्लॉट संख्या-47 की रजिस्ट्री कम्पनी द्वारा श्री अग्रवाल द्वारा बताये गये ग्राहक के नाम पर की गयी तथा उक्त भूखण्ड से प्राप्त रू0-8,87,000.00 को कम्पनी द्वारा बढ़े हुए क्षेत्रफल के सापेक्ष जमा कर लिया गया। विकासकर्ता द्वारा यह भी कथन किया गया कि स्थल पर प्लॉटों का विकास कार्य तथा फ्लैटों के yee का कार्य पूर्ण है। उनके ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट में कुछ परिवार भी अध्यासित है, परन्तु आवंटी द्वारा फ्लैटों के सापेक्ष बुकिंग धनराशि का भुगतान पूर्ण रूप से न किये जाने के कारण उनके फ्लैट की फिनिंशिंग का कार्य नही किया गया है। यदि आवंटी Eni vat फ्लैट की अवशेष धनराशि का भुगतान किया जाता है तो वह शीघ्र अति शीघ्र उनके फ्लैट का कब्जा प्रदान कर देगें। साथ ही स्थल पर प्लॉटों का कार्य पूर्ण होने के कारण आवंटी द्वारा प्लॉट की रजिस्ट्री करायी जा सकती है।
सुनवाई के दौरान परीक्षण में यह पाया गया कि आवंटी द्वारा बुक कराये गये भूखण्डों के सापेक्ष समस्त धनराशि का भुगतान एवं बुक कराये गये फ्लैटों के सापेक्ष आधी धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। स्थल पर फ्लैटों के wae का कार्य पूर्ण है, परन्तु आवंटी के फ्लैटों की फिनिशिंग का कार्य नही किया गया है। स्थल पर प्लॉट्स के सापेक्ष अवस्थापना सुविधाओं का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। यह भी स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता द्वारा मूल रूप से vetlel / प्लॉटों को विक्रय करने हेतु निवेशक के रूप में फ्लैट,/भूखण्ड बुक कराये गये थे। साथ ही शिकायतकर्ता एवं विकासकर्ता के मध्य उक्त हेतु किसी भी प्रकार का अनुबन्ध नही किया गया है। न्याय के दृष्टिगत यह निर्देशित किया जाता है कि चूंकि प्रोजेक्ट तैयार है इसलिए शिकायतकर्ता फ्लैटों की अवशेष धनराशि का भुगतान करके शीघ्र फ्लैटों एवं प्लॉटों का कब्जा प्राप्त करें एवं विकासकर्ता आवंटी को आवंटी द्वारा फ्लैट के सापेक्ष जमा धनराशि की तिथि से दिनांक 0-04-2044 तक रू0-5 /— प्रति वर्ग गज प्रति माह की दर से विलम्ब कब्जा दिये जाने हेतु दण्ड धनराशि का भुगतान आदेश पारित होने से. 45 दिन के अन्दर करें। अतः भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, उ0प्र0. के अन्तर्गत शिकायत संदर्भ eea-220i87449 को उक्तानुसार निस्तारित किया जाता है। वाद अनुपालन पत्रावली अभिलेखागार में संचित हो । Ree A 7% (साहब सिंह) उपाध्यक्ष, मेरठ विकास प्राधिकरण, मेरठ |