Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Himanshu Shekhar v. La Residentia Developers Private Limited
Complaint No. 12201827783
Verified by Puneet Jain, Editor
- Decision date
- 2026-06-05
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर | सुनवाई पीठ-02 (पूर्व te) आदेश अन्तर्गत धारा-38 / 40 / 63 उपस्थितिः- टी. वेंकटेश, सदस्य शिकायत संख्या:--]220827783 हिमांशु शेखर बनाम ला रेजिडेंशिया डेवलपर्स प्रा.लि. प्रार्थी , शिकायतकर्ता का परिवाद अंतिम बहस हेतु वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिनांक 44.05.2026 को प्रस्तुत किया गया। पुकार पर शिकायतकर्ता की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता soars flor सिंह एवं विपक्षी की ओर से उनके विद्वान अधिवक्ता श्री हर्ष पांडेय उपस्थित हुए। उभयपक्षों के तर्कों को विस्तार सुनते हुए पत्रावली आदेशार्थ सुरक्षित रखी गयी एवं उभयपक्ष यदि चाहे तो अपनी-अपनी लिखित बहस 0 सप्ताह के अन्दर प्रस्तुत कर सकते है। भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2076 का मुख्य उद्देश्य यह है कि भू-सम्पदा सेक्टर में उपभोक्ताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा विवादों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। इस उददेश्य की पूर्ति हेतु प्राधिकरण को रेरा अधिनियम के अन्तर्गत दायित्व तथा शक्तियाँ प्रदान की गयी हैं। धारा-34(8), भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 20॥6 में प्राधिकरण के Heat का उल्लेख किया गया है। धारा-34(8) में निम्नलिखित प्राविधान हैः- '34(g)-to ensure compliance of its regulations or orders or directions made in exercise of its powers under this Act;"
धारा-38, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2076 के प्राविधान के अनुसार प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर द्वारा उस पर डाली गयी बाध्यताओं का उल्लंघन किया जाता है, तो प्राधिकरण इस अधिनियम और उसके अधीन बनाए 'गए नियमों एवं विनियमों के अधीन पैनाल्टी या ब्याज अधिरोपित कर सकता है। धारा-38, रेरा अधिनियम निम्नवत् a "38. (7) The Authority shall have powers to impose penalty or interest, in regard to | any contravention of obligations cast upon the promoters, the allottees and the real estate agents, under this Act or the rules and the regulations made thereunder. (2) The Authority shall be guided by the principles of natural justice and, subject to the other provisions of this Act and the rules made thereunder, the Authority shall have powers to regulate its own procedure. (3) Where an issue is raised relating to agreement, action, omission, practice or procedure that— (a) has an appreciable prevention, restriction or distortion of competition in connection with the development of a real estate project; or ह (b) has effect of market power of monopoly situation being abused for affecting interest of allottees adversely, then the Authority, may suo motu, make reference in respect of such issue to the Competition Commission of India." रेरा अधिनियम की धारा-40 निम्नवत् हैः-
40. (7) If a promoter or an allottee or a real estate agent, as the case may be, fails to pay any interest or penalty or compensation imposed on him, by the adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Authority, as the case may be, under this Act or the rules and regualtions made thereunder, it shall be recoverable from such promoter or allottee or real estate agent, in such manner as may be prescribed as an arrears of land revenue. (2) If any adjudicating officer or the Regulatory Authority or the Appellate Tribunal, as the case may be, issues any order or directs any person to do any act, or refrain from doing any act, which it is empowered to do under this Act or the rules or regulations made thereunder, then in case of failure by any person to comply with such order or direction, the same shall be enforced, in such manner as may be prescribed. धारा-63, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2076 में प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्रोमोटर प्राधिकरण के आदेश का अनुपालन करने में असमर्थ रहता है, तो प्राधिकरण प्रोमोटर के विरूद्ध प्रोमोटर की भू-सम्पदा परियोजना की अनुमानित लागत का 05 प्रतिशत तक dared} लगा सकता है। धारा-63 निम्नवत हैः-
“63. If any promoter, who fails to comply with, or contravenes anyof the orders or directions of the Authority, he shall be liable to a penalty for every day during which such default continues, which may cumulatively extend up to five per cent., of the . estimated cost of the real estate project as determined by the Authority.” यहाँ यह उल्लेखनीय है कि धारा-40, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2076 के अध्याय-5 के अन्तर्गत आता है, जोकि भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण से सम्बन्धित है तथा धारा-63, भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 206 के अध्याय-8 के अन्तर्गत आता है, जोकि अपराध, शास्तियाँ और न्यायनिर्णयन से सम्बन्धित है। उपरोक्त प्राविधानों से यह स्पष्ट है कि रेरा अधिनियम के अन्तर्गत प्राधिकरण को यह अधिकार दिया गया है कि प्राधिकरण प्रोमोटर द्वारा आदेशों का अनुपालन न करने पर धारा-40 के अन्तर्गत अपने आदेशों का क्रियान्वयन कराए तथा धारा-63 के अन्तर्गत प्रोमोटर र॒ पर अर्थदण्ड लगाए। प्राधिकरण दोनों कार्यवाही एक साथ कर सकता है। ८62 bad (ty f Q s Wg * oes We a= Se Re प्रश्नगत प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा रेरा पोर्टल के माध्यम से आदेश क्रियान्वयन कराये जाने हेतु आवदेन किया गया, जिस पर प्राधिकरण द्वारा नोटिस दिनांकित 08.20.2024 को विपक्षी को नोटिस जारी करते हुए पीठ द्वारा ost के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 24.07.20I9 का अनुपालन कर, अनुपालन आख्या दिनांक 25.20.2024 तक प्रस्तुत करने हेतु निर्देश दिये गये, परन्तु विपक्षी द्वारा vat के कम में अपनी अनुपालन आख्या उपलब्ध नहीं करायी गयी।
प्राधिकरण द्वारा धारा-63 के अन्तर्गत नोटिस जारी की गयी, जिसके क्रम में पीठ द्वारा सुनवाई दिनांक 22.04.2025, 04.05.2025 तथा अंतिम सुनवाई दिनांक 4.052026 को की गयी। शिकायतकर्ता द्वारा सुनवाई दिनांक 04.05.2025 को पीठ के समक्ष मौखिक रूप से कब्जा एवं विलम्बित अवधि का ब्याज दिलाये जाने का अनुरोध किया है। इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता. द्वारा लिखित बहस दिनांकित 05.06.2026 दाखिल करते हुए अंकित किया गया है कि माननीय पीठ द्वारा धारा-34 के अन्तर्गत दिनांक 2407209 के आदेश जारी होने के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 04.04.2024 को विपक्षी को 6,23,/09,/- रूपये की समस्त अवशेष बकाया धनराशि का भुगतान कर दिया गया है और आदेश के अनुपालन में यूनिट का कब्जा प्रदान किये जाने का अनुरोध किया गया। विपक्षी द्वारा दिनांक 45.04.2024 को कब्जा पत्र प्रेषित करते हुए कई दस्तावेजों एवं एकतरफा प्रस्तरों पर हस्ताक्षर करने की शर्त रखी गयी, जिसके विफल होने पर विपक्षी द्वारा शिकायतकर्ता को यूनिट का कब्जा प्रदान नहीं किया जायेगा। शिकायतकर्ता के पास के कोई अन्य विकल्प न होने के कारण उक्त कब्जा पत्र पर हस्ताक्षर कर दिये गये, उसके उपरान्त विपक्षी द्वारा दिनांक 07.09.2024 को यूनिट का भौतिक कब्जा प्रदान कर दिया गया। हालांकि विपक्षी द्वारा यूनिट का कब्जा प्रदान किये जाने के समय अपने खाते में विलम्ब ब्याज को समायोजित नहीं किया और न ही शिकायतकर्ता को कब्जे के हस्तातंरण करने के उपरान्त ब्याज की धनराशि प्रदान की गयी। विपक्षी द्वारा प्रदान किया गया यूनिट का कब्जा रहने योग्य स्थिति में नहीं है एवं परियोजना की मूलभूत सुविधाएं अपूर्ण है। चूंकि विपक्षी द्वारा माननीय पीठ द्वारा पारित आदेश का अनुपालन नहीं किया गया है और विपक्षी द्वारा विलम्ब ब्याज का भुगतान भी नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त विपक्षी द्वारा परियोजना के टावर-28 का ओ.सी /सी.सी भी प्राप्त नहीं किया गया है। शिकायतकर्ता के पास कोई अन्य विकल्प न होने के कारण दिनांक 07.09.2024 को ओ.सी/सी.सी के बिना कब्जा प्राप्त करना पड़ा। उपरोक्त कथन आधार पर माननीय पीठ से अनुरोध किया गया है कि वह सचिव, रेरा को निर्देशित करें कि दिनांक 09.0:.20I9 से लेकर यूनिट के वास्तविक हस्तांतरण की तिथि 07.09.2004 तक विलम्ब ब्याज का वूसली प्रमाण पत्र जारी किये जाने का अनुरोध किया गया है।
gem शिकायत के wees में गीठ द्वारा भार-94 के अन्तर्गत fester 2407 209 को आदेश पारित किया गया। उपरोक्त पीठ द्वारा ores के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 24.07.2049 के अवलोकन से यह स्पष्ट है कि पीठ द्वारा विपक्षी को आदेशित किया जाता है कि वह शिकायतकर्तागण को ओ. सी/सी.सी सहित दिसम्बर, 209 8 we, यदि कोई देय धनराशि बकाया है, तो उसे प्राप्त कब्जा AST सुनिश्चित करें और नियमानुसार स्टाम्पशुल्क प्राप्त कर पंजीयकरण कराना सुनिश्चित करें, परन्तु विपक्षी द्वारा ऐसा कोई साक्ष्य रेरा पोर्टल पर अपलोड,/दाखिल नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि पीठ द्वारा ona के अन्तर्गत पारित आदेश, दिनांक 24.07.209 के अनुपालन में विपक्षी द्वारा वर्तमान समय में प्रार्थी/ शिकायतकर्ता को अकाउन्ट सैटेल करा दिये हो। सचिव, उ.प्र. रेरा प्रकरण में आदेश, दिनांक 24.07.209 के प्रस्तर-02 के अनुसार विपक्षी. द्वारा देय विलम्बित अवधि के ब्याज की धनराशि हेतु vera यूनिट का भौतिक कब्जा प्राप्त किये जाने की तिथि 07.092024 तक का वसूली प्रमाण-पत्र जारी करना सुनिश्चित करें। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। beets ० वेंकटेश (सदस्य) उ.प्र. भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण