Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Ramanand Sharma v. S. J. P. Hotels & Resorts Pvt Ltd
Complaint No. 1201929075
- Decision date
- 2019-08-22
- Text availability
- Machine-read (OCR) text, unverified
- Bench
- Adjudicating Officer Gautam Budh Nagar
Source: UP RERA order
Connected provisions and cases
No further provision or case links are recorded.
Judgment text
उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, क्षेत्रीय कार्यालय, गौतमबुद्धनगर। सुनवाई पीठ-04ए श्री राजीव कुमार,अध्यक्ष शिकायत संख्या : 4204929075 रामानन्द शर्मा बनाम मैसर्स एस.जे.पी.होटल्स एंड Rated प्राएलि0 प्रस्तुत शिकायत प्रार्थनापत्र शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध जमा धनराशि दिलाये जाने हेतु संस्थित किया गया है। संक्षेप में शिकायतकर्ता का कथन है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना Migsun Wynn में फ्लैट सं0-870-7-060 बुक किया गया और समय-समय पर किश्तों के आधार पर 6,72,250,/- रूपये अदा किये गये। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उनकी जमा धनराशि वापस दिलाये जाये, क्योंकि विपक्षी द्वारा गलत आश्वासन दिया गया कि आपका ऋण स्वीकृति करा दिया जायेगा। अतः शिकायतकर्ता द्वारा विपक्षी के विरूद्ध जमा धनराशि दिलाये जाने हेतु अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता द्वारा अपने कथन के समर्थन में निरस्तीकरण दिनांक 07.08.2048, wre का निरस्तिकरण के सम्बन्ध में अनापत्ति प्रमाण पत्र दिनांक 29.05.2078, कैंसिलेशन पत्र दिनांक 20.06.208, खाता विवरण, जमा धनराशि की रसीदों की छायाप्रतियां आदि दाखिल की गयी। विपक्षी की ओर से प्रतिवाद पत्र दाखिल करते हुए कहा गया है कि परियोजना Migsun Wynn के टॉवर SUN-7 में यूनिट संख्या-0604 बुक करायी गयी, शिकायतकर्ता द्वारा चैक के माध्यम से दिनांक 37.05.20I7 को भुगतान किया गया और शिकायतकर्ता से कुल धनराशि 6,22,250//- रूपये प्राप्त की गयी है। प्रथमतः शिकयतकर्ता द्वारा "7th Pay commission plan" के अन्तर्गत प्रोविजनल बुकिंग दिनांक 29.05.2047 को करायी गयी, जिसके अनुसार शिकायतकर्ता अपने स्वेच्छा A
अनुसार ऋण हेतु किसी भी वित्तीय संस्था में आवेदन कर सकता है। तत्पश्चात् शिकायतकर्ता को विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से ऋण न मिल पाने के कारण पेमेन्ट प्लॉन को 5:85 Self payment plan 4 परिवर्तन करने हेतु अनुरोध किया गया। जिसके पश्चात् पुनः बुकिंग फार्म हस्ताक्षरित कराया गया। शिकायतकर्ता द्वारा पत्र दिनांक 20.06.20:8 को विपक्षी कम्पनी द्वारा यूनिट को कैंसिल कराने हेतु अनुरोध किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बुकिंग फार्म पर हस्ताक्षरित नियम एवं शर्तों को स्वीकार किया गया, जिसके प्रस्तर 7. में फ्लैट के निरस्तीकरण हेतु प्राविधान है। विपक्षी द्वारा अपने कथन के समर्थन में बुकिंग फार्म 3.05.2047, बुकिंग फार्म दिनांक 42.03.208, निरस्तीकरण हेतु पत्र दिनांक 20.06.208 की छायाप्रतियां दाखिल की गयी है। उभयपक्ष को सुना व पत्रावली का अवलोकन किया। शिकायतकर्ता की शिकायत को दृष्टिगत रखते हुए निम्न बिन्दु विचारणीय है। 4. क्या विपक्षी द्वारा रेरा के प्राविधान के अर्न्तनगत फ्लैट के कुल कीमत की 40 प्रतिशत धनराशि प्राप्त होने के उपरान्त अनुबन्ध निष्पादित कराया गया ? 2. क्या शिकायतकर्ता को जमा धनराशि वापस दिलाई जाये ? निस्तारण बिन्दु Wea
प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज करायी गयी ऑनलाईन शिकायत के अनुसार फ्लैट की कुल कीमत 36,55,983,//- रूपये है और शिकायतकर्ता द्वारा 672,250/- रूपये की धनराशि अदा की गयी है। पत्रावली पर दाखिल शिकातयकर्ता के एप्लीकेन्ट लेजर के अवलोकन से विदित है कि फ्लैट की कुल कीमत टैक्स सहित 40,94,704 //- रूपये है। जिसके अनुसार फ्लैट की 0 प्रतिशत धनराशि 409 लाख रूपये होती है और विपक्षी के प्रतिवाद पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा 6,22,250,/- रूपये जमा किये गये है, जो कि फ्लैट की कुल कीमत के ॥0 प्रतिशत ज्यादा है। ऐसे में विपक्षी को बाद में पुनः दिनांक 43.03.2048 को आवंटन किये गये फ्लैट deren का अनुबन्ध विधिक रूप से रेरा के प्राविधानों के अनुसार निष्पादित कराये जाना आवश्यक था, जो कि विपक्षी द्वारा नहीं कराया गया। इस सम्बन्ध रेरा अधिनियम 206 में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि-: 3. (0) A promoter shall not accept a sum more than ten per cent of the cost of the apartment, plot, or building as the case may be, as an advance payment or an application fee, from a person without first entering into a written agreement for sale with such person and register the said agreement for sale, under any law for the time being in force.
(2) The agreement for sale referred to in sub-section (I) shall be in such form as may be prescribed and shall specify the particulars of development of the project including the construction of building and apartments, along with specifications and internal development works and external development works, the dates and the manner by which payments towards the cost of the apartment, plot or building, as the case may be, are to be made by the allottees and the date on which the possession of the apartment, plot or building is to be handed over, the rates of interest payable by the promoter to the allottee and the allottee to the promoter in case of default, and such other particulars, as may be prescribed. उपरोकतानुसार से यह स्पष्ट है कि प्रोमोटर, यथास्थिति, अपार्टमेन्ट, भू-खण्ड या भवन की लागत के 40 प्रतिशत से अधिक राशि अग्निम Ware अथवा आवेदन फीस के रूप में किसी व्यक्ति, उस व्यक्ति के साथ लिखित करार किये बिना, स्वीकार नहीं करेगा और var feu करार को तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन पंजीकृत करेगा। ऐसे में यह विपक्षी का दायित्व है कि वह यदि फ्लैट की कुल कीमत की 40 प्रतिशत से ज्यादा की धनराशि लेता है, तो निश्चित रूप से विकय करार अनुबन्ध निष्पादित करेगा और यदि नहीं कराता है तो रेरा अधिनियम के अन्तर्गत दंडनीय होगा। तद्नुसार बिन्दु संख्या-4 Pena किया जाता है। निस्तारण बिन्दु संख्या-2
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनके द्वारा विपक्षी की परियोजना के टॉवर- SUN-7 में यूनिट संख्या-0604 बुक करायी गयी। जिसके सापेक्ष 672,250//- रूपये की धनराशि जमा की गयी, किन्तु आज तक अनुबन्ध निष्पादित नहीं कराया गया। अत: जमा धनराशि वापस दिलाये जाने का अनुरोध किया गया है । विपक्षी का कहना है कि शिकायतकर्ता का ऋण वित्तीय संस्था से स्वीकृति न होने के कारण इनके dre wits को 5:85 Self payment plan में परिवर्तन किया गया। जिसके पश्चात् शिकायतकर्ता द्वारा बुकिंग फार्म पर दिनांक 72.03.2048 को हस्ताक्षरित किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा पत्र दिनांक 20.06.20:8 को फ्लैट के निरस्तीकरण हेतु अनुरोध किया गया और बुकिंग फार्म के प्रस्तर 7.॥ के अनुसार निरस्तीकरण हेतु नियम एवं शर्तों के अनुसार की जायेगी। 4 बिल्डर को स्वीकार्य है कि शिकायतकर्ता द्वारा यूनिट के सापेक्ष 6,22,250,//- रूपये की धनराशि जमा की गयी और शिकायतकर्ता का प्रथम बुकिंग दिनांक 34.05.2047 को की गयी थी, जिसके पश्चात् पेमेन्ट wits को परिवर्तित करते हुए दिनांक 42.03. 2048 को पुनः बुकिंग फार्म हस्ताक्षरित कराया गया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार शिकायतकर्ता द्वारा पत्र दिनांक 20.06.20:8 को स्वतः पत्र लिखते हुए फ्लैट निरस्तीकरण हेतु कहा गया है, जिसमें की कुछ वित्तीय संकट का कारण बताया गया है।
प्रकरण के तथ्यों के अनुसार यह स्पष्ट होता है कि विपक्षी द्वारा दिनांक 07.08.2048 को निरस्तीकरण पत्र भी जारी किया जा चुका है, जिसमें मात्र 5,00,575 /- रूपये का tre प्लॉन के अनुसार भुगतान न किये जाने के कारण आवंटन पत्र निरस्त किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उनको ऋण प्राप्त नहीं हो सका, अतः यह अवधारित किया जा सकता है कि परियोजना विलम्बित नहीं है। दूसरी ओर इकाई निरस्त होने की स्थिति में बुकिंग फार्म के सलंग्नक में दिए प्रतिबन्ध 7.4 के अनुसार भवन Bio प्रतिशत धनराशि “केन्सिलेशन चार्जेज” के रूप में देय है। इसी फार्म में भवन का मूल्य रू. 39.97 लाख वर्णित है जिसका io प्रतिशत रू. 3.99 लाख है। शिकायतकर्ता के द्वारा जमा धनराशि में रू. 3.99 लाख शर्त 7. के अनुसार “फोरफीट” होगी। चूंकि tre प्लॉन 45:85 का है जिसके अनुसार १5 प्रतिशत शुरू में देना होता है और 85 प्रतिशत धनराशि कब्जे के समय देना होता है। निरस्तीकरण पत्र दिनांक 07.08.2048 में मात्र 5,00,575,/- रूपये का भुगतान न किये जाने के कारण फ्लैट निरस्त कर दिया जायेगा। ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता यदि यह धनराशि दे देता है, तो फ्लैट का आवंटन उसके हित में किया जा सकता है। ऐसे में यह उचित होगा यदि बिल्डर के पास शिकायतकर्ता की मूल इकाई अथवा समकक्ष इकाई उपलब्ध हो, तो वह मूल आवंटन दर पर शिकायतकर्ता को वह फ्लैट ऑफर करे। निश्चय ही MCLRtH प्रतिशत वार्षिक दर से अति देय धनराशि का ब्याज शिकायतकर्ता द्वारा देय होगा। सहमति की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा “एग्रीमेन्ट टू-सेल” दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित किया जाये। तद्नुसार बिन्दु संख्या-2 निस्तारित किया जाता है।
प्रकरण में यह स्पष्ट है कि निरस्तीकरण की कार्यवाही अभी पूर्ण नहीं हुई है, क्योंकि औपचारिकताओं के अभाव में अभी शेष धनराशि शिकायतकर्ता को वापिस नहीं की गयी है। यदि अनुबन्ध निष्पादित हुआ होता तो विपक्षी को यह अधिकार होता कि वह अनुबन्धानुसार फ्लैट की कुल कीमत का 0 प्रतिशत अथवा जो भी अनुबन्ध के अनुसार हो के अन्तर्गत कार्यवाही कर सकता था। OS इस सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च. न्यायालय के सिविल अपील संख्या-42238 / 2048 पायनियर ada लैन्ड एवं इन्फास्ट्रक्चर लिमिटेड बनाम गोविन्द राघवन में भी अभिनिर्धारित किया गया है कि-: Another instance is Clause 23.4 of the Agreement which entitles the Appellant - Builder to serve a Termination Notice upon the Respondent — Flat Purchaser for breach of any contractual obligation. If the Respondent — Flat Purchaser fails to rectify the default within 30 days of the Termination Notice, then the Agreement automatically stands cancelled, and the Appellant — Builder has the right to forfeit the entire amount of Earnest Money towards liquidated damages. On the other hand, as Clause .5 (v) of the Agreement, if the Respondent - Flat Purchaser fails to exercise his right of termination within the time limit provided in Clause .5, then he shall not be entitled to terminate the Agreement thereafter, and shall be bound by the provisions of the Agreement.
माननीय उच्चतम न्यायालय के oR sate के अनुसार यदि फ्लैट Sar द्वारा अनुबन्ध की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो निरस्तीरण नोटिस के उपरान्त बिल्डर को यह अधिकार होगा कि सम्पूर्ण धनराशि का अरनेस्ट मनी फोरफीट कर सके, परन्तु प्रश्नगत प्रकरण में अनुबन्ध निष्पादित नहीं किया गया है। अतः दो विकल्प उपलब्ध है। प्रथमतः शिकायतकर्ता के अनुरोध पर मूल इकाई या समकक्ष इकाई ऑफर की जाये, दूसरा विकल्प यह है कि 40 प्रतिशत कटौती के साथ अवशेष धनराशि जमा कराने की तिथि से ब्याज सहित वापस कर दिया जाये। तद्नुसार बिन्दु संख्या-2 निस्तारित किया जाता है। उपरोक्त बिन्दु का निस्तारण करते हुए निम्न आदेश पारित किये जाते है। आदेश 4... शिकायतकर्ता की मूल इकाई न उपलब्ध होने की दशा में शिकायतकर्ता की सहमति से समकक्ष इकाई बिल्डर उपलब्ध aed, बुकिंगफार्म के अनुसार फ्लैट की कुल कीमत 39,97,500/— रुपये के पेमेन्ट शैडयूल के अनुसार धनराशि शिकायतकर्ता से प्राप्त करें। शिकायतकर्ता द्वारा MCLR+I प्रतिशत वार्षिक दर से विलम्ब अवधि हेतु ब्याज देय होगा। > शिकायतकर्ता को आदेशित किया जाता है कि वह अपनी देय धनराशि विपक्षी को पेमेन्ट शैडयूल के अनुसार भुगतान करना सुनिश्चित करें । 6 पक्षकार आदेश अपलोड होने के 45 दिन के अन्दर उ0प्र0 राज्य सरकार द्वारा जारी “एग्रीमेन्ट टू सेल” के प्रारूप पर अनुबन्ध निष्पादित करना सुनिश्चित करें| यदि शिकायतकर्ता द्वारा 45 दिन के अन्दर पेमेन्ट शैडयूल के अनुसार भुगतान नहीं किया जाता है, तो विपक्षी बुकिंग फार्म के प्रस्तर 7.4 के अनुसार कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा।
सचिव रेरा द्वारा विपक्षी के विरूद्द, धारा-3(।) के उल्लंघन के सम्बन्ध में दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। इस आदेश एक प्रति अग्रेतर कार्यवाही हेतु सचिव रेरा को प्रेषित की जाये। इस आदेश का उल्लघंन उ0प्र0भू-सम्पदा (विनियमन तथा विकास) अधिनियम, 2046 की धारा-63 तथा अन्य सुसंगत प्राविधानों के अन्तर्गत दंडनीय होगा। आदेश पोर्टल पर अपलोड किया जाये। दिनांक 7/ &/2009 Qe Oo (राजीव कुमार) (अध्यक्ष) उ0प्र0 भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण