Uttar Pradesh Real Estate Regulatory Authority
Daleep Kumar Maurya v. Project Category-Un-Register HABITECH INFRASTRUCTURE LTD
Complaint No. 120186108
Verified by Puneet Jain, Editor
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- Counsel
- Puneet Jain (for the respondent)
Source: UP RERA order
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Judgment text
भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, उत्त्तर प्रदेश नामित प्राधिकारी / उपाध्यक्ष हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण, हापुड़ प्राधिकारी / उपाध्यक्ष हापुड-पिलखुवा विकास प्राधिकरण, हापुड़ शिकायत संख्या:- 20486408 श्री दलीप कुमार मौर्य बनाम मै0 हैबिटैक इन्फास्ट्रक्चर लि0 निर्णय यह शिकायत श्री दलीप कुमार मौर्य पुत्र श्री कृष्ण प्रसाद निवासी-320, सनलाइट कॉलोनी FR, नई दिल्ली द्वारा विपक्षी मै0 हैबिटैक इन्फास्ट्रक्चर लि0, :397, पॉकेट-सी, मयूर विहार फेज-2, नई दिल्ली के विरूद्ध भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के समक्ष प्रस्तुत की गयी जो उपरोक्त प्रमोटर द्वारा भूखण्ड संख्या जीएच-8ए, टैक जोन-4, ग्रेटर नौएडा वैस्ट, गौतमबुद्धनगर में विकसित की जा रही हैबिटैक पंचतत्व परियोजना के सम्बन्ध में है। शिकायत आईए0डी0 WEN-I2086I08 पर पंजीकृत कर विपक्षी प्रमोटर को नोटिस जारी की गई। सुनवाई की प्रत्येक तिथि पर केवल शिकायतकर्ता उपस्थित हुए तथा विपक्षी की ओर से किसी भी तिथि पर कोई भी उपस्थित नहीं हुआ |
शिकायतकर्ता के अनुसार उनके व उनकी पत्नी द्वारा विपक्षी fo हैबिटैक इन्फ़ास्ट्रक्चर लिए द्वारा विकसित की जा रही हैबिटैक पंचतत्व परियोजना में एक फ्लैट संख्या ए-0//40॥0 क्षेत्रफल 940 वर्गफुट बुक किया गया था जिसका आवंटन पत्र दिनांक 03.05.209 को उनके पक्ष में जारी किया गया तथा फ्लैट बायर एग्रीमेंट दिनांक 006.20:3 को उमयपक्षों के मध्य निष्पादित किया गया। फ्लैट के कुल मूल्य रुपये 23,7,80500 के विरुद्ध आवंटी द्वारा अंकन रू0 2377,80500 की धनराशि का भुगतान प्रमोटर के पक्ष में किया जा चुका है। इस प्रकार उनके द्वारा सम्पूर्ण देय धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। शिकायतकर्ता के अनुसार फ्लैट का कब्जा faa 20:6 तक दिया जाना था परन्तु अभी तक कब्जा नहीं दिया गया है। उनके द्वारा इस यूनिट के विरूद्ध हाउसिंग डवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन लि0 से ऋण भी लिया गया है जिसका ट्राईपार्टाइट एग्रीमेंट दिनांक 28.00.20:4 को निष्पादित किया गया है | विपक्षी प्रमोटर द्वारा दिनांक 20.4.20॥7 को उन्हें ऑफर ऑफ पजेशन दिया गया परन्तु यूनिट में अभी तक मूलभूत विकास कार्य भी पूर्ण नहीं किये गये हैं। प्रमोटर को दिनांक 2320207 को टैम्परेरी पार्ट SER सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है जो 8 माह की अवधि तक ही वैध है। यह सर्टिफिकेट ग्रेटर नौएडा द्वारा कभी भी निरस्त किया जा सकता है। विपक्षी प्रमोटर द्वारा उनसे कई act में अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही है जबकि उनके द्वारा दिनांक 27.02.20:8 को ही प्रमोटर से नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त किया जा चुका है। उनके द्वारा प्रमोटर से स्वीकृत ले-आउट प्लान, परिवर्तित ले-आउट प्लान तथा एफएआर के संबंध में सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है परन्तु प्रमोटर द्वारा कोई सूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी है जबकि प्रमोटर द्वारा उनसे एफएआर की वृद्धि व किसानों को दिये गये बढ़े हुए प्रतिकर की मदों में अतिरिक्त धनराशि की मांग की जा रही है। शिकायतकर्ता द्वारा साक्ष्य के रूप में आवंटन पत्र दिनांक 03.05.203, फ्लैट बायर एग्रीमेंट दिनांक 40.06.20:3, exuetge whic दिनांक 28.04.2044, टैम्परेरी पार्ट ऑक्यूपैंसी सर्टिफिकेट दिनांक 2804.2004, aioe ऑफ पजेशन दिनांक 20.4.2047, नो ड्यूज सर्टिफिकेट दिनांक 27.02208 की छायाप्रतियाँ प्रस्तुत की गयीं। शिकायतकर्ता द्वारा फ्लैट का कब्जा दिलाने, कब्जे में हुई देरी के लिए ig प्रतिशत ब्याज दिलाने, विपक्षी द्वारा की जा रही ay, मांग को समाप्त किये जाने व क्षतिपूर्ति दिलाने की प्रार्थना की गयी।
रत 4 J / J J f j j शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों व अभिकथनों के आधार पर की गयी विवेचना के आधार पर प्रकरण के संबंध में मुख्य तथ्य निम्न प्रकार हैं- = bod c= a > = La . यह परियोजना विकासशील परियोजना की श्रेणी में है जो भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 20:6 से आच्छादित है। विपक्षी प्रमोटर द्वारा हैबिटैक पंचतत्व परियोजना में फ्लैट Wea y-40/t00 के आवंटन हेतु दिनांक 03.05.20i3 को श्री दलीप कुमार मौर्य व श्रीमती मंजू मौर्य के पक्ष में आवंटन पत्र जारी किया गया है तथा दिनांक 0.0620:3 को फ्लैट बायर Witte निष्पादित किया गया है जो उभयपक्षों द्वारा हस्ताक्षरित है। आवंटन के सापेक्ष प्रमोटर द्वारा प्रतिफल प्राप्त किया गया है। आवंटन पत्र के प्रस्तर-40 के अनुसार फ्लैट का कब्जा जून, 20:7 तक (06 माह के ग्रेस पीरियड सहित) दिया जाना था परन्तु अभी तक कब्जा नहीं दिया गया है। इस प्रकार कब्जा देने में लगभग ot वर्ष से अधिक का विलम्ब किया गया है। : प्रस्तुत तथ्यों से स्पष्ट है कि प्रमोटर द्वारा निर्धारित अवधि में war फ्लैट का कब्जा आवंटी को
हस्तांतरित नहीं किया गया है तथा इस प्रकार अधिनियम के प्राविधानों का उल्लंघन किया गया है। भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 206 की atte के अनुसार यदि सम्प्रवर्तक किसी अपार्टमेंट, भूखण्ड या भवन को पूरा करने में असफल रहता है या उसका कब्जा देने में असमर्थ रहता है तो वह आवंटी की मांग पर यथास्थिति, उस अपार्टमेंट, भूखण्ड या भवन के संबंध में उसके द्वारा प्राप्त रकम को ऐसी दर पर ब्याज सहित, जो इस निमित्त विहित की जाये, इस अधिनियम के अधीन यथा-उपबंधित रीति में प्रतिकर लौटाने का दायी होगा। यदि आवंटी जमा धनराशि की वापसी नहीं चाहता है तो सम्प्रवर्तक द्वारा उसे कब्जा सौंपे जाने तक विलम्ब के प्रत्येक मास के लिए उस पर जो विहित की जाये, ब्याज का संदाय किया जायेगा। यदि सम्प्रवर्तत इस अधिनियम या उसके अधीन बनाये गये नियमों या विनियमों या विकय करार के अधीन उस पर अधिरोपित fl अन्य बाध्यताओं का निवर्हन करने में असफल रहता है तो वह आवंटियों को प्रतिकर का इस अधिनियम के अधीन यथा-उपबन्धित रीति में संदाय करने के लिए उत्तरदायी होगा ।
उपरोक्त आधार पर प्रमोटर आवंटी को जमा धनराशि पर जमा के दिनांक से ब्याज तथा प्रतिपूर्ति के भुगतान हेतु TH है। अधिनियम की धारा-2(यक) के अनुसार व्यतिकम की दशा में, सम्प्रवर्तक द्वारा आबंटिती से ward ब्याज की दर ब्याज की उस दर के बराबर होगी, जो सम्प्रवर्तक, व्यतिकम की दशा में, आबंटिती को संदत्त करने का दायी होगा। इस प्रकार व्यतिकम की स्थिति में उभय पक्षों द्वारा एक समान दर से ब्याज के भुगतान की व्यवस्था की गयी है। आवंटन पत्र के प्रस्तर-45 में यह प्राविधान किया गया है कि आवंटी द्वारा धनराशि के भुगतान के व्यतिकम की दशा में आवंटी से 04 माह के विलम्ब के लिए i8 प्रतिशत तथा उससे अधिक विलम्ब के लिए 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज लिया जायेगा। प्रकरण में सम्प्रवर्तक द्वारा व्यतिकम किया गया है, अतः उस पर भी इसी दर से ब्याज आरोपित किया जाना उचित है। उभयपक्षों के मध्य निष्पादित फ्लैट बायर एग्रीमेंट के प्रस्तर-3.3 (पृष्ठ-5) में यह उल्लेख किया गया है कि किसी स्थानीय /सरकारी संस्था अथवा ग्रेटर नौएडा प्राधिकरण द्वारा लगाये गये अतिरिक्त चार्जेज/ड्यूज का भुगतान आवंटी द्वारा किया जायेगा। इसके अतिरिक्त एग्रीमेंट के प्रस्तर-4 (2 व 3) (पृष्ठ-6) में मैन्टीनैन्स चार्जेज का प्राविधान किया गया है। अतः इन मदों से संबंधित आपत्ति का निस्तारण एग्रीमेंट के नियम एवं शर्तों के अनुसार ही किया जाना उचित है। अतः अधिनियम की धारा-9 में दी गयी शक्तियों का उपयोग करते हुए Mie के अनुसार आवंटी को कब्जा दिलाने एवं कब्जे में विलम्ब की अवधि के लिए प्रमोटर से ब्याज की धनराशि दिलाये जाने के आदेश पारित किया जाना न्यायोचित है। pal आदेश
शिकायतकर्ता की प्रार्थना आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है तथा विपक्षी प्रमोटर to हैबिटैक इन्फासट्रक्चर प्राणलि0 को आदेशित किया जाता है कि वह आवंटीगण श्री दलीप कुमार मौर्य व श्रीमती मंजू मौर्य को हैबिटैक पंचतत्व परियोजना में आवंटित किये गये फ्लैट संख्या Kt0/t0I0 का कब्जा शीघ्रातिशीघ्र हस्तांतरित करे| कब्जा दिये जाने तक उक्त फ्लैट के विरूद्ध जमा की गयी धनराशि पर दिनांक 30.0620:7 से कब्जे के दिनांक तक 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से देय ब्याज की धनराशि का भुगतान किया जाये। परियोजना के संबंध में वांछित सभी सूचना/अभिलेख नियमानुसार शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराये जायें। शिकायतकर्ता क्षत्िपूर्ति के लिए अधिनियम की er के अंतर्गत न््यायनिर्णायक अधिकारी के समक्ष अपना दावा प्रस्तुत करे। इस आदेश का उल्लंघन भू-सम्पदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम-2046 की धारा-63 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा तथा देय धनराशि की वसूली धारा-40 की उपधारा-() के उपबन्धों के अध्यधीन रहते हुए, शोध रकम की वसूली, स्थानीय विधि में विहित रीति में, भू-राजस्व के बकाया के तौर पर की जायेगी। विपक्षी प्रमोटर द्वारा इस आदेश का अनुपालन न किये जाने की दशा में शिकायतकर्ता,/आवंटी को यह अधिकार होगा कि वह उ0प्र0 ie विनियामक प्राधिकरण के माध्यम से उक्त आदेश का कार्यान्वयन कराने की कार्यवाही कर सकता है। यह आदेश आज दिनांक 04.07.208 को हस्ताक्षरित तथा उद्घोषित किया गया। दिनांक:- 04.07.208 Ce oan के (गया प्रसाद) नामित प्राधिकारी / उपाध्यक्ष